राजधानी भोपाल के विद्या नगर में साढ़े सत्रह साल की छिंदवाड़ा निवासी किशोरी को भोपाल में नौकरी और प्रवेश दिलाने के बहाने बुलाकर सामूहिक दुष्कर्म कराने वाली दोनों युवतियों के बाद कंस्ट्रक्शन का कार्य करने वाले दो युवकों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों युवक बालाघाट के रहने वाले हैं। गैंगरेप के मुख्य आरोपी विदिशा में बिल्डर का कार्य करने वाले को पुलिस ने थाने से छोड़ दिया था, लेकिन सांठगांठ का मामला सामने आने पर डीसीसी की फटकार के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है। 

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पुलिस पर बिल्डर को बचाने के आरोप

आरोपी बिल्डर नाबालिग को छिंदवाड़ा से झांसा देकर बुलाने वाली मोनिका इंदौरकर का दोस्त है। बताया जाता है कि उक्त बिल्डर का मोनिका के फ्लैट पर आए दिन आना-जाना लगा रहता है। मोनिका ने इसी को खुश करने के लिए नाबालिग को छिंदवाड़ा से बुलाकर शराब पिलाकर उसके सामने परोसा था। हालांकि, 27 मार्च को पीड़िता ने जब परिजनों के साथ जाकर भोपाल के बागसेवनिया थाने में सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई तो पुलिस ने मोनिका और उसके बिल्डर दोस्त को ही सबसे पहले थाने लेकर आई थी, लेकिन देर रात दबाव और सांठगांठ कर बिल्डर को छोड़ दिया गया। बिल्डर भोपाल और विदिशा दोनों स्थानों पर रहता है।

दोनों आरोपी भी कंस्ट्रक्शन क्षेत्र में कार्यरत 

गैंगरेप में बालाघाट निवासी निखिल सिंह कछवाहा पिता सूर्यभान सिंह कछवाहा (32) और अतुल मेडेकर पिता भोजराज मेडेकर (30) को गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी भी कंस्ट्रक्शन का कार्य करते हैं। कहा जा रहा है कि ये दोनों मामले के मुख्य आरोपी बिल्डर के परिचित हैं और बिल्डर के कहने पर ही मोनिका इंदौरकर के फ्लैट पर शराब लेकर पहुंचे थे। 

डीसीसी विवेक सिंह ने टीआई को फटकारा

थाना पुलिस ने डीसीपी जोन-2 विवेक सिंह को सही से ब्रीफ नहीं किया और निखिल और अतुल को मुख्य आरोपी बताकर इनके और मोनिका इंदौरकर और रेणुका बुनकर के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। जब डीसीपी को गैंगरेप में बिल्डर की संलिप्तता का पता चला तो उन्होंने थाना प्रभारी को जमकर फटकार लगाई। मामले की जांच करने वाले उप निरीक्षक से डायरी लेकर दूसरे थानेदार को जांच का जिम्मा सौंप दिया गया हैं। पुलिस इस मामले में चार नामजद के अलावा अन्य लिखा हुआ है। कहा जा रहा है कि यह बिल्डर को बचाने के लिए ही किया गया है। डीसीपी की फटकार के बाद थाने के पुलिस अधिकारी बिल्डर की गिरफ्तारी और संलिप्तता को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं। इधर, एक टीम मामले की जांच में जुटी हुई है। 

यह है पूरा मामला

बागसेवनिया पुलिस के अनुसार पीड़िता साढ़े सत्रह साल की नाबालिग छिंदवाड़ा जिले की रहने वाली है। उसने कक्षा 11 वीं तक पढ़ाई की है। उसकी बड़ी बहन भोपाल में एक निजी अस्पताल में नर्स की नौकरी करती है। नर्स की पहचान भोपाल के विद्यानगर में रहने वाली मोनिका इंदौरकर और रेणुका बुनकर से थी। पीड़िता जब अपनी बड़ी बहन के पास कभी आती थी, तभी मोनिका और रेणुका से उसकी मुलाकात होती थी। नाबालिग पीड़िता की मां के फोन पर 16 मार्च को मोनिका इंदौरकर ने फोन कर नाबालिग से बात की। मोनिका ने भोपाल में उसकी नौकरी लगवाने का झांसा दिया। पीड़िता ने कहा कि उसके पास मोबाइल फोन नहीं है, मोनिका ने उसे फोन भी दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद पीड़िता 18 मार्च को पेंचवेली ट्रेन से भोपाल पहुंची। मोनिका इंदौरकर ने उसे विद्या नगर स्थित अपने कमरे में रखा, जहां रेणुका बुनकर भी साथ थी। इसके बार नाबालिग को बियर और शराब पिलाकर मोनिका ने अपने कमरे में गैंगरेप कराया। बेहोश होने पर आधी रात पानी से नहलाया और कुछ होश में आई तो एक अन्य व्यक्ति से भी दरिंदगी कराई। इस मामले में पुलिस मोनिका, रेणुका, निखिल और अतुल को गिरफ्तार कर चुकी है। अन्य आरोपी के संबंध में पुलिस कुछ भी बात करने को तैयार नहीं है।



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