राजधानी भोपाल के पास मंडीदीप में 24 मई को हुई एक फैक्ट्री वर्कर की हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। पुलिस जांच में आरोपी को लेकर जो तथ्य सामने आए हैं, वे और भी भयावह हैं। गिरफ्तार आरोपी खुद HIV संक्रमित है और पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह जानबूझकर दूसरों को भी इस बीमारी की चपेट में लाना चाहता था।
जानकारी के अनुसार, 36 साल का शख्स मंडीदीप की एक झुग्गी बस्ती में किराए के दो कमरों में परिवार के साथ रहता था। सुबह 6 बजे घर से निकलता और देर रात लौटता। मंडीदीप की क्रॉम्प्टन कंपनी में दिन की शिफ्ट के बाद वह ओवरटाइम करता, जिससे 17 हजार रुपये मिलते थे। घर का खर्च और तीनों बच्चों की प्राइवेट स्कूल की फीस इसी से निकलती थी। लेकिन महंगाई के दौर में यह रकम कम पड़ रही थी। इसलिए इसी महीने उसने भोपाल में अमेजन के डिलीवरी ऑफिस में रात की सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी शुरू की थी। वहां से 10 हजार रुपये मिलने थे। 27 मई को उसकी पहली सैलरी आनी थी। उसी से फ्रिज, कूलर और बेड की किस्त कटनी थी। बच्चों की फीस भी जमा होनी थी। पर 24 मई की रात वह ड्यूटी पर निकला और फिर कभी लौटकर नहीं आया।
शख्स की पत्नी की आंखें आज भी उस रात को याद कर सिहर उठती हैं। वह बताती हैं, 24 मई को तेज बारिश थी। जब घर आए तो भीग चुके थे। शराब भी पी रखी थी। मैंने कहा रात में ड्यूटी पर मत जाओ। बोले- ठंडी हवा लगेगी तो नशा उतर जाएगा। बेटे ने चादर में लपेटकर दोनों मोबाइल दिए और वो बाइक से निकल गए। सुबह 6 बजे तक रोज लौट आते थे। पत्नी चाय और टिफिन तैयार रखती थी। पर 25 मई की सुबह न फोन उठा, न वो आए। दोपहर तक इंतजार के बाद सतलापुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। पांच दिन तक थाने के चक्कर काटे। 30 मई को पुलिस ने एक शव की शिनाख्त के लिए बुलाया। चेहरा बुरी तरह कुचला था। कपड़ों से पहचान हुई।
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पुलिस जांच में 25 जून को आरोपी को गिरफ्तार किया गया। मेडिकल जांच में उसके HIV संक्रमित होने की पुष्टि हुई। पूछताछ में सामने आया कि वह कई वर्षों से पुरुषों से संबंध बनाता था और इसी लत का शिकार था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी पहले भी इसी तरह के मामले में दो बार जेल जा चुका है। 2023 में वह करीब 8 महीने जेल में रहा था। उससे पहले भी तीन महीने की सजा काट चुका है।
जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की मानसिकता बेहद खतरनाक थी। वह जानबूझकर लोगों को अपना शिकार बनाता था। 24 मई की रात उसने ईकोलॉजिकल पार्क के पास मृतक को पहले धक्का देकर गिराया, फिर वारदात को अंजाम देकर सिर कुचल दिया। 30 मई को कटारा थाना क्षेत्र के नाले से शव बरामद हुआ। पति का शव देखकर टूटी पत्नी का सवाल हर किसी को झकझोर देता है। रोते हुए कहती हैं, उनकी किसी से क्या दुश्मनी थी? वो तो सिर्फ बच्चों के लिए दिन-रात खटते थे। 15 साल की उम्र में मां दूसरी शादी कर चली गई थी। मामा के यहां रहकर मजदूरी की। चाहते थे कि उनके बच्चों को यह दिन न देखने पड़ें। बड़ी बेटी 11वीं, छोटी 8वीं और बेटा 6वीं में है। अब इन्हें कैसे पढ़ाऊंगी? घर कैसे चलेगा?
दो कमरे के घर में टीवी, फ्रिज, कूलर है, पर अब उसे चलाने वाला नहीं रहा। रिश्तेदारों की मदद से जैसे-तैसे राशन चल रहा है। पत्नी कहती हैं, थाने में जब पता चला कि हत्यारा पकड़ा गया है तो मैं चीखते हुए उसकी तरफ भागी। पुलिस ने रोक लिया। पूछना चाहती थी कि मेरे पति को क्यों मारा? फिलहाल पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
