भोपाल में एक कपड़ा कारोबारी से करीब 19.58 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है। आरोप है कि सिकंदराबाद (तेलंगाना) निवासी एक कपड़ा एजेंट और उसके बेटे ने व्यापार के लिए भेजा गया माल बाजार में बेच दिया, लेकिन उसकी रकम मालिक तक नहीं पहुंचाई। पीड़ित कारोबारी की शिकायत पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

गौरतलब है कि भोपाल के लखेरापुरा निवासी प्रदीप अग्रवाल (64) एक कपड़ा कंपनी के संचालक हैं। उन्होंने दक्षिण भारत में अपने व्यापार के विस्तार के लिए सिकंदराबाद निवासी विनोद जैन और उनके पुत्र रवि जैन को अपना सेल्स एजेंट नियुक्त किया था। वर्ष 2019 से 2020 के बीच भोपाल से विभिन्न व्यापारियों के नाम पर 53 बिलों के माध्यम से 21 लाख रुपये से अधिक मूल्य का कपड़ा भेजा गया था।

भुगतान मांगने पर खुली पोल

इस पूरे सुनियोजित खेल का खुलासा तब हुआ, जब पीड़ित कारोबारी ने खातों का मिलान किया। जांच में सामने आया कि भेजे गए कुल माल के एवज में कारोबारी को केवल 6.10 लाख रुपये का ही भुगतान मिला, जबकि ब्याज सहित 19.58 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि बकाया रह गई।

जब प्रदीप अग्रवाल ने संबंधित व्यापारियों से सीधे संपर्क किया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कुछ व्यापारियों ने बताया कि वे कपड़ों का भुगतान पहले ही एजेंट पिता-पुत्र को कर चुके हैं। वहीं, कुछ अन्य व्यापारियों ने दावा किया कि उन्हें इस तरह का कोई माल कभी मिला ही नहीं।

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पुलिस की पड़ताल में यह खुलासा हुआ है कि ट्रांसपोर्ट के जरिए जो कपड़ा भेजा गया था, उसे आरोपियों ने स्वयं रिसीव कर बाजार में खपा दिया और असली हकदार को इसकी भनक तक नहीं लगने दी। लगातार वसूली के प्रयासों के बाद भी जब आरोपियों ने रकम वापस नहीं की, तो पीड़ित ने कानून का दरवाजा खटखटाया।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में धोखाधड़ी और अमानत में खयानत (विश्वासघात) की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने आरोपी विनोद जैन, रवि जैन और अन्य सहयोगियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुट गई है।



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