बड़नगर के लोहाना स्थित राधा माधव उदासीन आश्रम के पूज्य संत गुरुजी स्वामी 1008 महेश चरणदास महाराज ब्रह्मलीन हो गए हैं। उनके ब्रह्मलीन की खबर से क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है। आश्रम में श्रद्धालुओं और भक्तों का तांता लग गया है, जो नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
स्वामी जी लोहाना कुटी में लंबे समय से निवासरत थे और उन्होंने अपने जीवन को भक्ति, साधना और समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया था। वर्ष 1995 में वे सोनकच्छ से लोहाना आए थे, जहां उन्होंने राधा माधव उदासीन आश्रम को एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित किया। स्वामी महेश चरण दास महाराज अपने सरल जीवन, उच्च आध्यात्मिक विचारों और जनकल्याण की भावना के लिए जाने जाते थे। उनके आशीर्वाद लेने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते थे और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते थे।
राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की कई बड़ी हस्तियां भी उनके भक्तों में शामिल रही हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव भी करीब दो वर्ष पहले लोहाना कुटी आश्रम पहुंचे थे और स्वामी जी का आशीर्वाद लिया था। इसके अलावा सज्जन सिंह वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि समय-समय पर आश्रम आते रहे। स्वामी जी के भक्त केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि देशभर में फैले हुए हैं। दिल्ली सहित कई बड़े शहरों में उनके अनुयायी विभिन्न व्यवसायों और प्रतिष्ठानों से जुड़े हुए हैं। स्वामी जी का निधन क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। संत समाज, जनप्रतिनिधि और हजारों श्रद्धालु उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
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मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर किया शोक व्यक्त
मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने इस मामले में ट्वीट किया कि बड़नगर स्थित श्री राधा माधव उदासीन आश्रम, लोहाना कुटी धाम के संस्थापक, श्री श्री 1008 महेश चरण दास महाराज का निधन हो गया। महाराज श्री का संपूर्ण जीवन धर्म, सेवा, साधना और मानव कल्याण के लिए समर्पित रहा। उनका ब्रह्मलीन होना हम सभी के लिए अपूरणीय क्षति है। मैं उनके चरणों में नमन कर, उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं। ईश्वर से प्रार्थना है कि उनके समस्त अनुयायियों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
कल निकलेगी अंतिम यात्रा
1008 महेश चरण दास महाराज (गुरुदेव, लोहाना कुटी) का देवलोक गमन हो गया है। उनका संपूर्ण जीवन समाज, धर्म और मानव सेवा के लिए समर्पित रहा। उनके सान्निध्य से क्षेत्र को आध्यात्मिक दिशा एवं प्रेरणा प्राप्त होती रही। उनके पावन पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन एवं अंतिम यात्रा का 5 मई 2026, मंगलवार को श्री राधामाधव उदासीन आश्रम से निकलेगी।

स्वामी महेश चरण दास महाराज हुए ब्रह्मलीन
