मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ और ग्वालियर के डबरा में रहने वाले तीन युवकों ने देश के कुछ मंदिरों, ढाबों और मिलिट्री बेसों की जानकारी व फोटो पाकिस्तान में बैठे आईएसआई के गुर्गों को भेजे थे। ये तीनों युवक मंदिरों, ढाबों और सेना से जुड़े ठिकानों पर धमाके करने की योजना बना रहे थे। यह खुलासा दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने शुक्रवार-शनिवार की रात कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश के अलग-अलग ठिकानों से तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवकों को लेकर पुलिस दिल्ली पहुंच गई है, जहां उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। 

दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद कुशवाहा ने दिल्ली में खुलासा करते हुए मीडिया को बताया कि मध्यप्रदेश के रहने वाले तीनों युवक पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने मीडिया को बताया कि गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान 24 वर्षीय अनमोल राय निवासी नेगुवां थाना पृथ्वीपुर, जिला टीकमगढ़, 21 वर्षीय राजवीर और 19 वर्षीय विवेक बंजारा के रूप में हुई है। विवेक और राजवीर ग्वालियर जिले के डबरा के पास के रहने वाले हैं। एसीपी कुशवाहा कहना है कि ये तीनों दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर, दिल्ली-सोनीपत हाईवे स्थित एक ढाबा और हरियाणा का सैन्य कैंप उड़ाने वाले थे।

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आतंकी शहजाद भट्टी गैंग के 9 संदिग्ध से पूछताछ के बाद कार्रवाई 

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कुशवाहा ने मीडिया को बताया कि बीते दो दिन पहले पाकिस्तानी कनेक्शन वाले आतंकवादी शहजाद भट्टी के गैंग पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ‘गैंग बस्ट ऑपरेशन 2.0’ के तहत अलग-अलग राज्यों से शाहजाद भट्टी मॉड्यूल से जुड़े 9 संदिग्ध आतंकियों  को गिरफ्तार किया था। इन्हीं से पूछताछ के दौरान मध्यप्रदेश के तीन युवकों की भूमिका सामने आई। अब जांच एजेंसियां मॉड्यूल की फंडिंग, सीमा पार कनेक्शन और अन्य नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं। इसके बाद एमपी में दबिश देकर तीनों को पकड़ा गया है। तीनों ही आरोपी गरीब परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। तीनों के मोबाइल के ऑडियो, वीडियो कॉल से संदिग्ध नंबरों पर बात किए जाने, सोशल मीडिया से खास स्थानों के तस्वीरें पाकिस्तान भेजे जाने की पुष्टि हुई है। 

मोबाइल में कई संदिग्ध ई-मेल व फोटो मिले, दिल्ली में कर चुके हैं मजदूरी

दिल्ली पुलिस के अनुसार आरोपियों के मोबाइल से कई संदिग्ध ई-मेल भी मिले हैं। पुलिस यह पता लगा रही है कि आरोपियों को आतंकी साजिश में जोड़ने के एवज में क्या मिला था। तीनों की गिरफ्तारी कर ली गई है। तीनों दिल्ली में मजदूरी कर चुके हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ‘गैंग बस्ट ऑपरेशन 2.0’ के तहत विभिन्न राज्यों से शाहजाद भट्टी मॉड्यूल से जुड़े 9 संदिग्ध ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार किया था। इनसे पूछताछ में जांच एजेंसियों को पता चला कि आरोपियों में से एक ने दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर की रेकी की थी। परिसर की तस्वीरें सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स को भेजी थीं। मॉड्यूल की योजना मंदिर में तैनात पुलिस और अर्धसैनिक बलों को निशाना बनाने तथा फायरिंग कर दहशत फैलाने की थी।

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ढाबे पर ग्रेनेड से करना था हमला, सैन्य कैंप के बनाए थे वीडियो

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कुशवाहा के अनुसार मध्यप्रदेश के तीनों युवकों को दिल्ली-सोनीपत हाइवे पर स्थित एक प्रसिद्ध ढाबे पर ग्रेनेड से हमला करने का भी टास्क दिया गया था। यह ढाबा प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही वाला स्थान माना जाता है। हमले का मकसद बड़े पैमाने पर नुकसान और जनहानि करना था। हरियाणा के हिसार स्थित एक सैन्य कैंप की भी रेकी कर वहां के वीडियो बनाकर पाकिस्तानी हैंडलर को भेजे थे। स्पेशल सेल अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मॉड्यूल के अन्य नेटवर्क, फंडिंग और सीमा पार संपर्कों की जांच कर रही है।



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