प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बुधवार को 17 विभागों के कामकाज की समीक्षा करते हुए मैदानी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि प्रदेश में हर हाल में शांति और व्यवस्था बनाए रखी जाए। बैठक की शुरुआत कानून व्यवस्था की समीक्षा से हुई। इस दौरान संवेदनशील बस्तियों के जोनल प्लान, महिला अपराधों के प्रति जागरूकता, नशीले पदार्थों की रोकथाम, सड़क सुरक्षा, ब्लैक स्पॉट सुधार, साइबर अपराध और शस्त्र लाइसेंस के डिजिटल पोर्टल जैसे विषयों पर डीजीपी, गृह और परिवहन विभाग के अधिकारियों से चर्चा की गई। बैठक में सभी संभागायुक्त, कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर, एसपी, सीसीएफ और डीएफओ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
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सुशासन से जुड़े मुद्दों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने नामांतरण, सीमांकन, बंटवारे के लंबित प्रकरणों, भू-अर्जन, राजस्व संग्रहण, गारंटी योजनाओं, समग्र पोर्टल, लोक सेवा, सीएम हेल्पलाइन और डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों से लंबित मामलों के जल्द निपटारे के निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। इसमें कुपोषित बच्चों की पहचान और उपचार के लिए घर-घर सर्वे, रोगी कल्याण समिति, मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम, एनीमिक गर्भवती महिलाओं के प्रबंधन, नवजात शिशु देखभाल, बाल मृत्यु समीक्षा, गर्भवती महिलाओं की सिकल सेल जांच, टीबी स्क्रीनिंग और वय वंदना योजना जैसे विषय शामिल रहे। बैठक की खास बात यह रही कि विभागीय अधिकारियों ने पावर पाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए जिलों और संभागों के प्रदर्शन की जानकारी दी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों को ग्रीन, कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों को रेड और अन्य जिलों को येलो श्रेणी में रखा गया। साथ ही केंद्र सरकार की योजनाओं में प्रदेश की रैंकिंग की भी समीक्षा की गई।
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