भोपाल के जंबूरी मैदान में 28 अप्रैल को स्वतंत्रता संग्राम के भूले-बिसरे नायकों और जनजातीय वीरों को सम्मान देने के उद्देश्य से बड़े स्तर पर शौर्य यात्रा आयोजित की जाएगी। क्रांतिवीर नर्मदा टाइगर हिरदेशाह लोधी के बलिदान दिवस पर होने वाले इस आयोजन के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। इसे लोधी समाज के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।

ये भी पढ़ें-  MP Weather Today: तेज गर्मी से बेहाल एमपी, 22 जिलों में हीट वेव का अलर्ट, महीने के अंत में बारिश के संकेत

सीएम के साथ उमा-प्रहलाद एक मंच पर  

कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय लोधी, लोधा, लोध क्षत्रिय महासभा मध्यप्रदेश, नर्मदा टाइगर हिरदेशाह शोध संस्था और गोंड महासभा द्वारा किया जा रहा है। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि होंगे, जबकि पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल अध्यक्षता करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की मौजूदगी को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं, हालांकि उनका कार्यक्रम अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि वह उत्तराखंड प्रवास के बीच भोपाल पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। यदि उमा भारती और प्रहलाद पटेल एक मंच साझा करते हैं तो इसे लोधी समाज में उनके प्रभाव और भाजपा के भीतर नए राजनीतिक संकेतों के तौर पर देखा जा सकता है। उमा भारती हाल के महीनों में फिर से सक्रिय नजर आ रही हैं और 2029 लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा भी जाहिर कर चुकी हैं। 

ये भी पढ़ें-  MP: पूर्व सांसद केपी यादव को सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन की कमान, रामनिवास रावत बने वन विकास निगम के अध्यक्ष

प्रीतम लोधी प्रकरण के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा

इसी बीच पिछोर विधायक प्रीतम लोधी को लेकर भाजपा के नरम रुख ने भी चर्चाओं को हवा दी है। विवादित बयान के बावजूद पार्टी की ओर से सख्त कार्रवाई नहीं हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात के बाद प्रीतम लोधी ने खेद जताया था। जानकारों का मानना है कि यह आयोजन भाजपा नेतृत्व को लोधी समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी का संदेश देने की कोशिश भी हो सकता है। उमा भारती पहले भी समाज को अपने हितों के आधार पर राजनीतिक निर्णय लेने की बात कह चुकी हैं। वहीं, 2023 विधानसभा चुनाव के बाद प्रहलाद पटेल का नाम मुख्यमंत्री पद की चर्चाओं में भी रहा था। 

ये भी पढ़ें- MP News: साइबर ठगी पर एमपी सरकार सख्त, 5 IAS समेत 8 अफसरों की टीम गठित, ठगों पर होगी त्वरित कार्रवाई

30 सीटों पर लोधी समाज का प्रभाव 

मध्य प्रदेश की करीब 25 विधानसभा सीटों पर लोधी समाज का प्रभाव माना जाता है। खासतौर पर ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र की कई सीटों पर यह वोट बैंक चुनावी नतीजों को प्रभावित करता है। शिवपुरी जिले की चार विधानसभा सीटों पर भी समाज की मजबूत पकड़ मानी जाती है।  यही वजह है कि राजनीतिक दल, खासकर Bharatiya Janata Party, इस सामाजिक समीकरण को लेकर सतर्क रहते हैं। 

ये भी पढ़ें- MP Wheat Procurement: किसानों की बढ़ती आवक के बीच सीएम, बोले- उपार्जन केंद्रों पर नहीं होनी चाहिए कोई परेशानी

आयोजकों का दावा- वीरों को सम्मान देना मकसद

वहीं, आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य इतिहास के उन वीरों को सम्मान देना है, जिन्हें पर्याप्त पहचान नहीं मिल सकी। शौर्य यात्रा में हिरदेशाह लोधी, गोंड राजा डेलन शाह, नरवर शाह, मधुकर शाह बुंदेला और गजराज सिंह समेत कई स्वतंत्रता सेनानियों एवं जनजातीय योद्धाओं को याद किया जाएगा। प्रदेशभर के साथ अन्य राज्यों से भी समाज के लोगों के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में यह आयोजन ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देने के साथ-साथ आगामी राजनीतिक समीकरणों से पहले लोधी समाज की ताकत के प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है।

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *