प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। यूसीसी विधेयक का प्रारूप तैयार करने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन में बैठक हुई, जिसमें विधेयक के मसौदे पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई ने की। समिति ने विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, संपत्ति और यूसीसी से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर अंतिम स्तर की चर्चा की। समिति के सदस्य सचिव अजय कटेसरिया ने बताया कि रिपोर्ट की ड्रॉफ्टिंग अंतिम चरण में है।
ये भी पढ़ें- MP News: सांभर को पोहा खिलाने के मामले में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के प्रभारी सहायक संचालक निलंबित
दो भागों में तैयार की जा रही रिपोर्ट
रिपोर्ट दो भागों में तैयार की जा रही है। पहले भाग में समिति की अनुशंसाएं होंगी, जबकि दूसरे भाग में प्रदेशभर में हुए जन-परामर्श और प्राप्त सुझावों का विवरण शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बैठक में तैयार किए जा रहे विधेयक के प्रारूप पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। समिति जल्द ही अपनी अंतिम रिपोर्ट और अनुशंसाएं राज्य सरकार को सौंप सकती है। बैठक में समिति के वरिष्ठ सलाहकार शत्रुघ्न सिंह सहित सदस्य अनूप नायर, प्रो. गोपाल शर्मा, बुधपाल सिंह और शोभा पैठणकर भी मौजूद रहे। बता दें, समिति ने जिलों और संभाग में जाकर लोगों के सुझाव लिए। साथ ही ऑनलाइन माध्यम से भी यूसीसी पर जनता से राय मांगी गई। जानकारी के अनुसार 9 लाख से अधिक लोगों ने यूसीसी को लेकर अपने सुझाव दिए। सरकार की तरफ से बताया गया कि 90 प्रतिशत लोगों ने यूसीसी का समर्थन किया है।
ये भी पढ़ें- लोकतंत्र सेनानियों के लिए CM की बड़ी घोषणा: स्पेशल ट्रेन से तीर्थयात्रा,सर्किट हाउस में दो दिन ठहरने की सुविधा
देश का तीसरा राज्य बनेगा एमपी
जानकारी के अनुसार यूसीसी के लिए गठित कमेटी 5 जुलाई को ड्रॉफ्ट सरकार को सौंप सकती है। इसके बाद 20 जुलाई से प्रस्तावित विधानसभा के मानसून सत्र में यूसीसी का ड्रॉफ्ट सरकार पेश कर सकती है। इस पर चर्चा के बाद सब कुछ ठीक रहने पर दीपावली से पहले यूसीसी को प्रदेश में लागू करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। यह सब कुछ समय पर होता है तो उत्तराखंड और गुजरात के बाद यूसीसी लागू करने वाला देश का तीसरा राज्य बन जाएगा।