प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश सिंह ने कांग्रेस के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि लगातार चुनावी पराजयों से कांग्रेस मानसिक अस्थिरता और राजनीतिक हताशा के दौर से गुजर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता का लगातार समर्थन भाजपा को मिलने से कांग्रेस बेचैन है और तथ्यहीन आरोपों के सहारे राजनीतिक माहौल बनाने का प्रयास कर रही है। राकेश सिंह ने कहा कि हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों में कांग्रेस को अपनी संगठनात्मक कमजोरियों के कारण हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद पार्टी ने प्रदेश के विकास और जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाकर मुख्यमंत्री के खिलाफ दुष्प्रचार शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की संपत्ति को लेकर लगाए गए आरोप तथ्यों से परे हैं। 

ये भी पढ़ें-  MP News:  मुख्यमंत्री यादव पर लगाए आरोपों को मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया निराधार, कांग्रेस पर साधा निशाना

हलफनामे में पहले से दर्ज हैं सभी जानकारियां 

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने और अपने परिवार से जुड़ी सभी संपत्तियों की जानकारी चुनावी हलफनामे में पहले ही सार्वजनिक कर दी थी। यदि कांग्रेस किसी अतिरिक्त संपत्ति या अनियमितता का दावा करती है तो उसे उसके प्रमाण भी प्रस्तुत करने चाहिए।

ये भी पढ़ें- जमीन खरीद को लेकर सियासत: कांग्रेस का आरोप- मोहन यादव ने CM बनने के बाद खरीदी 111 एकड़ जमीन, भाजपा का पलटवार

रिश्तेदारों के मामलों को मुख्यमंत्री से जोड़ना गलत

राकेश सिंह ने कहा कि किसी दूर के रिश्तेदार द्वारा की गई संपत्ति खरीद या अन्य निजी गतिविधियों को मुख्यमंत्री से जोड़ना राजनीतिक दुर्भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं कोई अनियमितता हुई होगी तो कानून अपना काम करेगा, लेकिन बिना तथ्यों के मुख्यमंत्री को निशाना बनाना उचित नहीं है। 

ये भी पढ़ें-  MP UCC: 5 जुलाई को समिति सरकार को सौंपेगी ड्राफ्ट,सीएम बोले- 90 प्रतिशत से अधिक लोगों ने यूसीसी का समर्थन किया

ट्रस्ट और भूमि हस्तांतरण पर भी दिया जवाब

कांग्रेस द्वारा उठाए गए ट्रस्ट और भूमि हस्तांतरण के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि सरकार के एक विभाग से दूसरे विभाग या मंत्रालय को संपत्ति हस्तांतरित होने की प्रक्रिया को घोटाला बताना तथ्यों की गलत व्याख्या है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक रुपये के लीज रेंट जैसी व्यवस्था केवल स्वामित्व संबंधी कानूनी औपचारिकताओं के लिए होती है और इससे संपत्ति का मूल स्वामित्व नहीं बदलता।

ये भी पढ़ें- भाजपा की सफाई: हेमंत खंडेलवाल बोले- CM की संपत्ति में नहीं हुआ कोई बदलाव, यह राजनीतिक साजिश का हिस्सा

कानूनी कार्रवाई पर विचार

राकेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में भाजपा का विधिक प्रकोष्ठ मामले का परीक्षण कर रहा है। आवश्यकता पड़ने पर मानहानि का नोटिस भी भेजा जा सकता है। 

सीएम की छवि धूमिल करने की कोशिश 

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि कांग्रेस जानबूझकर मुख्यमंत्री की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने से पहले डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार द्वारा जो भी भूमि खरीदी गई थी, उसकी जानकारी सार्वजनिक है। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके द्वारा कोई नई जमीन नहीं खरीदी गई है। उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्य स्वतंत्र रूप से व्यापारिक गतिविधियां कर सकते हैं और इसे राजनीतिक विवाद का विषय बनाना उचित नहीं है।

उज्जैन की धार्मिक पहचान को निशाना बनाने का आरोप

भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस पर सनातन और उज्जैन की धार्मिक पहचान को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री ने अपनी संपत्ति का पूरा ब्यौरा दिया था और उसमें कोई वृद्धि नहीं हुई है। शर्मा ने कहा कि उज्जैन के विकास और आगामी सिंहस्थ की तैयारियों से कांग्रेस परेशान है और इसी कारण ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं।

 

ओबीसी सीएम की छवि खराब कर रही कांग्रेस 

राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सुनियोजित तरीके से पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्री की छवि खराब करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है, जिसे कांग्रेस स्वीकार नहीं कर पा रही है।  

कांग्रेस के आरोप राजनीति से प्रेरित 

स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने भी कांग्रेस के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मध्य प्रदेश लगातार विकास कर रहा है और विपक्ष इसी से परेशान है। मंत्री ने कहा कि कांग्रेस के आरोपों में कोई तथ्य नहीं है और जनता ऐसे दुष्प्रचार को समझती है। साथ ही संकेत दिए गए हैं कि यदि आरोपों का सिलसिला जारी रहा तो कानूनी कार्रवाई पर भी विचार किया जा सकता है।

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *