इंदौर में 14 अप्रैल को संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में एक अनूठा प्रयोग किया जा रहा है। इस अवसर पर 72 फीट लंबे पीतल के पट्ट पर दुनिया के 193 देशों के प्रतीक चिन्हों को उकेरा जाएगा। रविवार को इस विशाल पीतल पट्ट को काटने का महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इस नवाचार का उद्देश्य संविधान के मूल्यों के साथ विश्व बंधुत्व का प्रसार करना है।




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Indore News brass strip of 193 countries to be released on Ambedkar Jayanti

एडवोकेट लोकेश मंगल
– फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर


विश्व कल्याण और सर्वेभवन्तु सुखिनः का उद्घोष

संविधान से देश पुस्तक के माध्यम से डॉ. आंबेडकर की जयंती पर इस 72 फीट लंबे और 5 इंच चौड़े पीतल पट्ट को जारी करने की व्यापक तैयारी की जा रही है। इस पट्ट पर सर्वेभवन्तु सुखिनः के पावन उद्घोष के साथ विश्व के सभी 193 देशों के प्रतीक चिन्हों को शामिल किया गया है। आयोजकों का मानना है कि इस प्रयास से न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति स्थापित करने की प्रेरणा मिलेगी बल्कि वैश्विक एकता का संदेश भी प्रसारित होगा।

एक किलो वजन, 72 फीट लंबाई

इस विशेष पीतल पट्ट का कुल वजन लगभग 1 किलोग्राम है। रविवार को इसकी कटाई का कार्य पूरा करने में विशेषज्ञों को करीब 3 घंटे 10 मिनट का समय लगा। कटाई के साथ ही इसकी सफाई का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है। सोमवार को इस पर सभी देशों के प्रतीक चिन्हों की प्रिंटिंग का कार्य किया जाएगा। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि 72 फीट लंबा होने के बावजूद इसे आसानी से फोल्ड करके रखा जा सकता है, जिससे इसे कहीं भी ले जाना सुलभ होगा।

कर्नाटक के राज्यपाल की प्रेरणा से हो रहा कार्य

यह सराहनीय कार्य एडवोकेट लोकेश मंगल द्वारा किया जा रहा है, जो पहले भी पीतल पर विभिन्न कलाकृतियां उकेरने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने बताया कि यह परियोजना कर्नाटक के माननीय राज्यपाल थावरचंद गेहलोत की प्रेरणा से मूर्त रूप ले रही है। इस कार्य में लगभग 80 अधिवक्ताओं का सहयोग भी प्राप्त हो रहा है। उन्होंने समाज से अपील की है कि सभी सर्वेभवन्तु सुखिनः के भाव को समझें और इसे अपने जीवन में आत्मसात करें।

कल विमोचन की तैयारी

तय कार्यक्रम के अनुसार, सोमवार को प्रिंटिंग का कार्य पूर्ण होने के बाद मंगलवार को इस अद्भुत पीतल पट्ट को सार्वजनिक रूप से जारी किया जाएगा। डॉ. आंबेडकर की जयंती पर यह इंदौर की ओर से विश्व को एक अनोखी भेंट होगी, जिसे आम जनमानस भी देख सकेंगे।




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