लोकमान्य नगर–केसरबाग रेलवे क्रॉसिंग पर ब्रिज बनाने का काम शुरू हो चुका है। इसके लिए क्रॉसिंग को बंद कर दिया गया है। अब डेढ़ साल तक केसरबाग, विश्राम बाग सहित अन्य कॉलोनियों में जाने के लिए लोगों को वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करना पड़ेगा। इस ब्रिज का निर्माण रेलवे विभाग द्वारा किया जा रहा है और इसकी समयसीमा डेढ़ साल निर्धारित की गई है। पिछले दिनों सांसद शंकर लालवानी ने इस ब्रिज का भूमिपूजन किया था।

यह इंदौर का आखिरी रेलवे क्रॉसिंग था, जहां ब्रिज नहीं बना था। इस क्रॉसिंग पर ब्रिज बनने के बाद इंदौर पूरी तरह रेलवे क्रॉसिंग मुक्त शहर बन जाएगा। वर्तमान में इंदौर में एक साथ चार रेलवे क्रॉसिंग पर ब्रिज निर्माण का काम चल रहा है। यह क्रॉसिंग दिन में आठ से दस बार बंद होती थी और वाहन चालकों को यहां पांच से दस मिनट तक इंतजार करना पड़ता था।

लोकमान्य नगर–केसरबाग रेलवे क्रॉसिंग पर दो लेन का ब्रिज बनाया जा रहा है, जबकि भविष्य की जरूरतों के हिसाब से यहां छह लेन ब्रिज की आवश्यकता है। हालांकि रेलवे विभाग फिलहाल दो लेन ब्रिज के लिए ही सहमत हुआ है। प्रस्तावित ब्रिज की चौड़ाई 10.50 मीटर रखी गई है। यह ब्रिज लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है और इसकी लंबाई करीब 650 मीटर होगी।

ब्रिज के लिए मिट्टी परीक्षण पूरा हो चुका है। अब रेलवे द्वारा नियुक्त एजेंसी ने दोनों ओर खुदाई का काम शुरू कर दिया है। इस दौरान वाहन चालक डेढ़ साल तक केसरबाग से एबी रोड की ओर नहीं जा सकेंगे। इस मार्ग से जुड़ी 30 से अधिक कॉलोनियों के लोगों को अब वैशाली नगर और केसरबाग ब्रिज के रास्ते आवागमन करना होगा।



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