मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत लाभ वितरण के लिए एक विशेष और भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण क्षेत्रीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में इंदौर के सांसद शंकर लालवानी एवं शिक्षाविद प्रो. डॉ. विनोद भंडारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस गरिमामयी आयोजन में कुल 550 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के 450 लाभार्थी, 50 प्रमुख नियोक्ता, विभिन्न उद्योग संघों के सम्मानित प्रतिनिधि, स्थानीय जनप्रतिनिधि, राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन अर्थात ईपीएफओ के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल थे।
इस कार्यक्रम के दौरान इंदौर के सांवेर रोड स्थित सी. पी. तिवारी ऑडिटोरियम, अरविंदो मेडिकल कॉलेज में विभिन्न नियोक्ताओं द्वारा 50 नव-नियोजित कर्मचारियों को उनके आधिकारिक नियुक्ति पत्र सौंपे गए। उल्लेखनीय है कि इसी समय नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के 15 लाख से अधिक लाभार्थियों को 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि का ऑनलाइन वितरण किया। इस विशाल राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत पूरे देश में 200 स्थानों पर एक साथ क्षेत्रीय कार्यक्रमों का सीधा आयोजन किया गया था, जिसके तहत इंदौर में भी यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।
रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा सरकार की मुख्य प्राथमिकता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद शंकर लालवानी ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने वाले सभी युवाओं और लाभार्थियों को अपनी शुभकामनाएं और बधाई दी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि देश में बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन करना भारत सरकार की सबसे प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है। यह योजना विशेष रूप से जीवन में पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को संबल और सहयोग प्रदान करने तथा देश में औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह दूरदर्शी योजना देश के श्रमिकों के बीच सामाजिक सुरक्षा के दायरे को और अधिक मजबूत करेगी तथा युवाओं की संगठित क्षेत्र में भागीदारी बढ़ाने में पूरी तरह सहायक सिद्ध होगी। इसके साथ ही उन्होंने रोजगार के नए अवसर पैदा करने में स्थानीय उद्योगों एवं नियोक्ताओं के अमूल्य योगदान की सराहना की और सभी हितधारकों से इस सरकारी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रो. डॉ. विनोद भंडारी ने भी अपने विचार रखते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह योजना इस पूरे क्षेत्र में अधिक से अधिक रोजगार अवसरों के सृजन को प्रोत्साहित करेगी तथा विकसित भारत के बड़े लक्ष्य को साकार करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देगी। उन्होंने सभी नियोक्ताओं एवं श्रमिकों से सामाजिक सुरक्षा एवं औपचारिक रोजगार के विस्तार हेतु सरकारी पहलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील भी की।
लाभार्थियों और नियोक्ताओं ने साझा किए अपने जमीनी अनुभव
इस क्षेत्रीय कार्यक्रम के दौरान योजना से लाभान्वित होने वाले कर्मचारियों एवं विभिन्न नियोक्ताओं ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के जमीनी प्रभाव तथा औपचारिक रोजगार से प्राप्त होने वाले फायदों के संबंध में अपने व्यक्तिगत अनुभव खुलकर साझा किए। जीवन में पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले एक युवा कर्मचारी ने संगठित क्षेत्र में औपचारिक नौकरी मिलने पर विचार व्यक्त किए। उसने कहा कि इस योजना के अंतर्गत मिलने वाली वित्तीय सहायता उसके शुरुआती कार्य-संबंधी खर्चों को वहन करने में बेहद मददगार साबित होगी तथा एक स्थायी करियर के निर्माण के लिए भविष्य में निरंतर प्रेरणा प्रदान करेगी। उसने यह भी रेखांकित किया कि ईपीएफओ के माध्यम से प्राप्त होने वाली सामाजिक सुरक्षा युवाओं की दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा को सुनिश्चित करती है। एक अन्य लाभार्थी कर्मचारी ने कहा कि औपचारिक रोजगार से जुड़ने के बाद उनके व्यावसायिक आत्मविश्वास में जबरदस्त वृद्धि हुई है तथा कौशल विकास एवं करियर में उन्नति के कई नए द्वार खुले हैं।
उद्योगपतियों ने भी रखे अपने विचार
कार्यक्रम में शामिल हुए विभिन्न उद्योगपतियों और नियोक्ताओं ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह योजना अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती को प्रोत्साहित कर उनके व्यवसाय के विस्तार में सहायक सिद्ध होगी। उनके अनुसार, योजना के तहत सरकार से मिलने वाला प्रोत्साहन उनकी रोजगार लागत के एक बड़े हिस्से की भरपाई करेगा, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां अधिक श्रम की आवश्यकता होती है, जिससे नए रोजगार अवसरों का सृजन तेजी से होगा।
