इंदौर में नौतपा के दूसरे दिन भी मौसम के कड़े तेवर देखने को मिले हैं। पूरे दिन शहर का पारा चालीस डिग्री सेल्सियस के पार बना रहा, जिसके चलते स्थानीय निवासी तेज गर्म हवाओं और अत्यधिक उमस के कारण लगातार परेशान होते रहे। मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सोमवार रात का न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस पर रहा। इससे ठीक एक दिन पहले यानी सोमवार को दिन का पारा 41.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक था। वहीं रविवार की रात को न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस था, जो सामान्य से तीन डिग्री ज्यादा दर्ज किया गया था।

तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव का दौर जारी

मौसम वैज्ञानिकों द्वारा जताए गए पूर्वानुमान के अनुसार वर्तमान में जिस तरह की मौसमी परिस्थितियां बनी हुई हैं, उसे देखते हुए इंदौर और उसके आस-पास के ग्रामीण इलाकों में नौतपा के इस दौर में पारा 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद काफी कम नजर आ रही है। हालांकि तापमान बहुत अधिक न बढ़ने के बावजूद हवा में मौजूद नमी की वजह से होने वाली उमस लोगों की बेचैनी को लगातार बढ़ाती रहेगी। मंगलवार की सुबह से ही आसमान पूरी तरह साफ बना रहा और जैसे-जैसे धूप तेज हुई वैसे-वैसे लोगों को गर्मी की तुलना में उमस का अहसास ज्यादा परेशान करता रहा। मौसम विभाग का कहना है कि वर्तमान में भीषण गर्मी को प्रभावित करने वाला कोई भी मजबूत वेस्टर्न डिस्टर्बेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं है, इसी वजह से तापमान में यह मामूली उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।

मई के महीने में बारिश का भी रहा है पुराना रिकॉर्ड

अगर इंदौर में मई महीने के ऐतिहासिक रिकॉर्ड पर नजर डाली जाए तो यहां पूर्व में पारा छियालीस डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को भी पार कर चुका है। मौसम विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 31 मई 1994 को इंदौर शहर में अब तक का सबसे सर्वाधिक रिकॉर्ड 46.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। वैसे मई के महीने में अमूमन मौसम में अचानक बदलाव भी आता है, जिससे बादल छाने और बौछारें पड़ने का सिलसिला शुरू हो जाता है। बीते वर्ष 2023 में मई के दौरान शहर में लगभग तीन इंच तक पानी गिरा था। इसके अतिरिक्त साल 2014 से लेकर 2023 के बीच के दस साल में कुल नौ बार ऐसा हुआ है जब मई के महीने में इंदौर वासियों ने बारिश का अनुभव किया है।

लू और भीषण तपिश से बचाव के लिए मौसम विशेषज्ञों की सलाह

बढ़ती हुई गर्मी और गर्म हवाओं के थपेड़ों को देखते हुए मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे ने आम जनता के लिए बेहद जरूरी गाइडलाइन जारी की है। उन्होंने बताया कि दोपहर में 12 बजे से लेकर 3 बजे तक की अवधि के दौरान सूरज की किरणों और गर्मी का असर सबसे ज्यादा तीखा रहता है। ऐसी स्थिति में नागरिक बेहद जरूरी काम होने पर ही अपने घरों से बाहर कदम रखें। लू की चपेट में आने से बचने के लिए दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करते रहें ताकि शरीर पूरी तरह हाइड्रेट रहे। बाहर निकलते समय हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनने को प्राथमिकता दें। मौसम विज्ञानी ने विशेष तौर पर ताकीद की है कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों की सेहत का इस मौसम में विशेष ध्यान रखा जाए क्योंकि वे इस प्रकार के गर्म मौसम के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।



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