इंदौर में बजट सम्मेलन के दौरान राष्ट्रगीत नहीं गाने वाली दोनों कांग्रेस महिला पार्षदों के खिलाफ एमजी रोड पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। इसके लिए पुलिस ने बीते सप्ताह भर से सबूत एकत्र किए थे। आरोपी महिला पार्षदों से पुलिस ने तीन से चार घंटे तक पूछताछ की थी।
इसके अलावा दोनों महिला पार्षदों को नोटिस देकर पुलिस ने बयान देने के लिए थाने भी बुलाया था। पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम ने सम्मेलन के दौरान राष्ट्रगीत को लेकर टिप्पणी भी की थी। सदन में देरी से आने और वंदे मातरम गीत में शामिल नहीं होने के मामले में सभापति ने फौजिया को सदन से बाहर भी निकाल दिया था।
पुलिस ने दोनों महिला पार्षदों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1) विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने व सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने) के तहत केस दर्ज किया है। इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर तीन साल की जेल या जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा सजा व जुर्माना दोनों भी हो सकते है।
इसे लेकर एमजी रोड थाने में दो-तीन शिकायतें हुई थीं, जिनकी जांच पुलिस अफसर कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने सभापति मुन्नालाल यादव व कुछ भाजपा पार्षदों के बयान लिए थे। इसके अलावा सदन की रिकॉर्डिंग भी जब्त की थी। बीते दो दिनों में पार्षद रुबीना और फौजिया ने थाने आकर एसीपी विनोद दीक्षित के समक्ष बयान भी दर्ज कराए थे, हालांकि दोनों ने अपने बयान पर खेद भी जताया था, लेकिन पुलिस ने शिकायत के बाद हुई जांच और साक्ष्यों को आधार मानकर केस दर्ज कर लिया।
रुबीना ने की थी आपत्तिजनक टिप्पणी
कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान ने वंदे मातरम विवाद को लेकर सदन में आपत्तिजनक टिप्पणी भी की थी। उन्होंने कहा था कि किसी के बाप में दम हो तो वे हमने गवा कर दिखाए। इसके अलावा उन्होंने खुद की पार्टी के पार्षदों द्वारा वंदे मातरम विवाद में कुछ न बोलने पर भाड़ में जाए कांग्रेस जैसी टिप्पणी भी की थी। इसे लेकर उनके निष्कासन का प्रस्ताव शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजा है।
