इंदौर से 40 किलोमीटर दूर पीथमपुर के सेक्टर तीन स्थित हजारगो कंपनी में लगी आग ने आसपास की दूसरी कंपनियों की यूनिटों को भी अपनी चपेट में ले लिया। रातभर दमकल की गाड़ियां आग बुझाने में जुटी रहीं, लेकिन सुबह तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका।
जिस कंपनी में आग लगी, वह वेस्ट मैनेजमेंट और केमिकल कचरे के निपटान का काम करती है। आग को फैलते देर नहीं लगी और केमिकल से भरे ड्रमों में धमाके होने लगे। उस समय फैक्टरी में दस मजदूर काम कर रहे थे, जिन्हें समय रहते बाहर निकाल लिया गया।इस आग ने पास की रेलवे और डिफेंस सप्लायर कंपनियों के शेड को भी अपनी चपेट में ले लिया।
आग के कारण करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। आग बुझाने के लिए धार, इंदौर सहित आसपास के इलाकों से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन सुबह पांच बजे तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका था। आग की लपटें और धुएं के काले बादल एक किलोमीटर दूर से नजर आ रहे थे।
घटनास्थल के आसपास कोई आबादी क्षेत्र नहीं था, लेकिन वहां मौजूद दुकानों और ढाबों को पुलिस ने बंद करा दिया और संचालकों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा।इंदौर से भी एसडीआरएफ की टीम देर रात पीथमपुर पहुंची और आग बुझाने के कार्य में जुट गई।
उत्पादन ठप, करोड़ों का नुकसान
हजारगो कंपनी में लगी आग की चपेट में स्लीपलूप इंडिया और गलार्ड स्टील लिमिटेड कंपनियां भी आ गईं। आग के कारण दोनों कंपनियों के बड़े प्लांट और मशीनें जल गईं, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
दोनों कंपनियां डिफेंस और रेलवे क्षेत्र में सप्लाई करती हैं, लेकिन आग के कारण उनका उत्पादन ठप हो गया है।उद्योगपतियों का कहना है कि पीथमपुर में सैकड़ों कंपनियां हैं, लेकिन आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड के पास आधुनिक उपकरणों की कमी है।
