भीषण गर्मी के बीच उज्जैन के चरक अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने के बावजूद अस्पताल के कई वार्डों में केवल सीलिंग फैन के सहारे इलाज चल रहा है। हालात ऐसे हैं कि मरीजों के परिजन अपने घरों से कूलर और टेबल फैन लाकर वार्डों में लगा रहे हैं।
सबसे ज्यादा परेशानी एसएनसीयू और मातृ कक्ष में देखने को मिल रही है, जहां नवजात शिशुओं की माताएं उमस और गर्मी से बेहाल नजर आईं। उनका कहना है कि वार्डों में पर्याप्त ठंडक नहीं होने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल के कई वार्डों में पर्याप्त पंखों की व्यवस्था भी नहीं है। कुछ जगहों पर मरीजों को जमीन पर लेटे हुए देखा गया। बच्चों, महिला एवं सामान्य वार्डों में पलंगों के पास निजी कूलर और पंखे रखे दिखाई दिए। परिजन अपने स्तर पर मरीजों को गर्मी से राहत दिलाने की कोशिश कर रहे हैं।
इधर, अस्पताल प्रबंधन ने व्यवस्थाएं सुधारने का दावा किया है। सिविल सर्जन डॉ. पलसानिया ने बताया कि अस्पताल प्रशासन ने हाल ही में 25 कूलर खरीदे हैं, जिनमें से 15 कूलर विभिन्न वार्डों में लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में कुल 24 वार्ड हैं और आवश्यकता के अनुसार व्यवस्थाएं बढ़ाई जा रही हैं। जिन वार्डों में एसी खराब हैं, वहां मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया गया है।
वार्डों में मरीजों के परिजनों द्वारा निजी कूलर और पंखे लगाए जाने के सवाल पर अस्पताल प्रबंधन ने जानकारी होने से इनकार किया। प्रबंधन का कहना है कि अस्पताल की ओर से किसी को निजी कूलर या पंखे लगाने की अनुमति नहीं दी गई है और इस संबंध में उन्हें कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।
