वीरता, त्याग और स्वाभिमान के प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती बुधवार को पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा इस अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया था। इसके चलते शासकीय कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश रहा, लेकिन उज्जैन के मक्सी रोड स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) में सामान्य दिनों की तरह कक्षाएं संचालित की गईं।
स्कूल के खुलने की जानकारी मिलने पर कुछ सामाजिक संगठनों और राजपूत समाज के प्रतिनिधियों ने आपत्ति जताई। उनका आरोप था कि सार्वजनिक अवकाश के बावजूद स्कूल संचालित कर शासन के निर्देशों का उल्लंघन किया गया है। मामले की शिकायत जिला प्रशासन और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) महेंद्र खत्री से भी की गई।
जिला शिक्षा अधिकारी ने दी चेतावनी
मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी महेंद्र खत्री ने बताया कि महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर घोषित अवकाश के बावजूद स्कूल संचालित होने की सूचना मिली थी। विभाग द्वारा स्कूल प्रबंधन से चर्चा कर तत्काल छुट्टी कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि शासन के आदेशों का उल्लंघन किया गया तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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स्कूल प्रबंधन की सफाई
स्कूल की प्राचार्य डॉ. विभा सिंह तोमर ने बताया कि विद्यालय सोसायटी द्वारा जारी शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार संचालित किया गया था। उनका कहना था कि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और पाठ्यक्रम समय पर पूरा हो सके, इसी उद्देश्य से स्कूल खोला गया था। उन्होंने कहा, “हम शासन के आदेशों की अवहेलना नहीं करना चाहते। यदि इस संबंध में कोई त्रुटि हुई है तो आगे से उसका पूरा ध्यान रखा जाएगा और भविष्य में ऐसी स्थिति नहीं बनने दी जाएगी।”
विरोध के बाद घोषित की गई छुट्टी
सामाजिक संगठनों की आपत्ति और प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद स्कूल प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से विद्यालय में छुट्टी घोषित कर दी। हालांकि बाद में स्कूल बंद कर दिया गया, लेकिन सार्वजनिक अवकाश के दिन विद्यालय संचालित किए जाने का यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
