ग्वालियर के जिला अस्पताल में गुरुवार को अव्यवस्थाओं का आलम चरम पर पहुंच गया, जिससे मरीजों और अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एक ओर जहां अस्पताल में फायर फाइटिंग सिस्टम का पाइप फटने से ओपीडी और पैथोलॉजी विभाग में पानी भर गया, वहीं दूसरी ओर फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने आए श्रद्धालुओं के बीच विवाद बढ़कर मारपीट तक पहुंच गया।
फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए लगी लंबी कतारें, फिर भड़का विवाद
जानकारी के अनुसार, अमरनाथ यात्रा के लिए मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग जिला अस्पताल पहुंच गए थे। लेकिन मेडिसिन विशेषज्ञ के अवकाश पर होने के कारण केवल एक ही डॉक्टर सर्टिफिकेट जारी कर रहा था। इससे लंबी कतारें लग गईं और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। इसी दौरान लाइन में खड़े लोगों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो धीरे-धीरे बढ़ते हुए हाथापाई में बदल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
पाइप फटने से ओपीडी और पैथोलॉजी में भरा पानी
इसी अफरातफरी के बीच अस्पताल की दूसरी मंजिल पर फायर फाइटिंग सिस्टम का पाइप अचानक फट गया। तेज बहाव के साथ पानी ओपीडी, पैथोलॉजी और रजिस्ट्रेशन काउंटर तक पहुंच गया। फर्श पर पानी भरने से फिसलन बढ़ गई, जिसके चलते कुछ मरीज गिर भी पड़े। साथ ही बिजली का करंट फैलने की आशंका के कारण अस्पताल प्रबंधन को रजिस्ट्रेशन और सैंपलिंग का काम अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।
मरीजों को झेलनी पड़ी भारी परेशानी
इस अव्यवस्था का सबसे अधिक असर मरीजों पर पड़ा। किला गेट निवासी कैंसर मरीज संतोष श्रीवास सुबह से ब्लड सैंपल देने के लिए भटकते रहे, लेकिन जांच नहीं हो सकी और उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। वहीं रानीपुरा निवासी जितेंद्र, लेहिया बाजार निवासी युग कुशवाह और संस्कार कुशवाह ने बताया कि उन्हें ईसीजी जांच से मना कर दिया गया। भरत गुर्जर ने बताया कि वे सुबह 10 बजे से लाइन में खड़े थे, लेकिन दोपहर तक उनका नंबर नहीं आया। लश्कर निवासी राजीव गर्ग भी सुबह 8:30 बजे से सर्टिफिकेट के लिए इंतजार करते रहे, लेकिन एक्स-रे और ईसीजी जांच नहीं हो सकी।
सिविल सर्जन ने संभाला मोर्चा
स्थिति बिगड़ने पर सिविल सर्जन डॉ. आरके शर्मा को स्वयं मोर्चा संभालना पड़ा। उन्होंने सर्टिफिकेट बनाने की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने का प्रयास किया, लेकिन तब तक लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ चुकी थी।
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प्रशासन ने बढ़ाई व्यवस्था
लगातार शिकायतों और अव्यवस्थाओं को देखते हुए प्रशासन ने राहत के कदम उठाए हैं। अब अमरनाथ यात्रियों के लिए हेल्थ सर्टिफिकेट बनाने के केंद्रों की संख्या बढ़ा दी गई है। जिला अस्पताल के अलावा किला अस्पताल मुरार, सिविल अस्पताल हजीरा, अंधेरी अस्पताल और पीएचसी वीरपुर में भी डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि श्रद्धालुओं को समय पर सुविधा मिल सके और ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
