नगर निगम भोपाल के नए मुख्यालय में अब पूरा प्रशासनिक ढांचा साफ हो गया है। विभागों और अधिकारियों के लिए तल और कक्ष आवंटन तय कर दिया गया है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि कौन किस मंजिल पर बैठेगा। आदेश जारी होते ही सभी विभागों को तुरंत शिफ्टिंग के निर्देश दे दिए गए हैं। नई व्यवस्था में पहली मंजिल पर महापौर-अध्यक्ष का कार्यालय रहेगा, जहां से जनप्रतिनिधियों और आम जनता से जुड़े काम संचालित होंगे। वहीं आठवीं मंजिल पर आयुक्त और स्मार्ट सिटी से जुड़ा पूरा प्रशासनिक सेटअप बनाया गया है, जिसे निगम का कमांड सेंटर माना जा रहा है।

इस तरह हुआ बटवारा

बीच की मंजिलों को काम के अनुसार व्यवस्थित किया गया है। दूसरी मंजिल पर स्थापना, राजस्व और सामान्य प्रशासन जैसे रोजमर्रा के कामकाज वाले विभाग रहेंगे। तीसरी मंजिल पर ऑडिट, लेखा, वित्त और कंप्यूटर सेक्शन को जगह दी गई है। चौथी मंजिल पर विधि शाखा के साथ जलकार्य और सीवेज से जुड़े इंजीनियरिंग विभाग बैठेंगे। पांचवीं मंजिल पर योजना और यांत्रिकी विभागों के साथ मीटिंग हॉल रहेगा, जबकि छठी मंजिल पर चिकित्सा, सीएम हेल्पलाइन, कॉलोनी और नगर निवेश से जुड़े विभागों को स्थान दिया गया है। सातवीं मंजिल को स्वास्थ्य, स्वच्छ भारत मिशन, फायर, विद्युत, जनगणना और अतिक्रमण जैसे फील्ड ऑपरेशन विभागों के लिए तय किया गया है।

यह भी पढ़ें-सख्त निगरानी के बीच NDA परीक्षा,भोपाल में कई अभ्यर्थियों को नहीं मिली एंट्री,व्यवस्था पर उठे सवाल

कामकाज में आएगी तेजी

नगर निगम का कहना है कि एक ही बिल्डिंग में सभी विभागों के आने से कामकाज में तेजी आएगी, समन्वय बेहतर होगा और लोगों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी विभागाध्यक्ष अपने-अपने अभिलेख, फाइलें और उपकरणों सहित तत्काल नए कक्षों में शिफ्टिंग सुनिश्चित करें, ताकि नया मुख्यालय पूरी क्षमता के साथ काम शुरू कर सके।

यह भी पढ़ें-विधानसभा में महिलाओं की संख्या 27 से बढ़कर 114 होने की संभावना, जानें मुख्यमंत्री ने इसे क्यों बताया खास?

ऐसे सजेगा पूरा मुख्यालय

पहली मंजिलः पर महापौर-अध्यक्ष का कार्यालय बनाया गया है।

दूसरी मंजिल: स्थापना, राजस्व, जन्म-मृत्यु, सामान्य प्रशासन

तीसरी मंजिल: ऑडिट, लेखा, वित्त और कंप्यूटर सेक्शन

चौथी मंजिल: विधि शाखा, जलकार्य और सीवेज विभाग

पांचवीं मंजिल: योजना और यांत्रिकी विभाग, मीटिंग हॉल

छठी मंजिल: चिकित्सा, सीएम हेल्पलाइन, कॉलोनी और नगर निवेश

सातवीं मंजिल: स्वास्थ्य, स्वच्छ भारत मिशन, फायर, विद्युत, जनगणना

आठवीं मंजिल पर आयुक्त और स्मार्ट सिटी का पूरा प्रशासनिक सेटअप रहेगा

हर मंजिल पर विभागों को विंग A, B और C में अलग-अलग कक्ष दिए गए हैं, जिससे कामकाज में स्पष्टता बनी रहे।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *