राजधानी भोपाल की बागसेवनिया थाना पुलिस ने किराये पर ली गई गाड़ियों को धोखाधड़ी से हड़पकर बेचने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपये कीमत की आठ लग्जरी चारपहिया गाड़ियां जब्त की हैं। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह के मास्टरमाइंड समेत अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
थाना प्रभारी अमित सोनी ने बताया कि मिसरोद निवासी सिद्धार्थ मिश्रा वाहन किराये पर देने का व्यवसाय करते हैं। वर्ष 2025 में उनकी पहचान सैयद जमीर से हुई थी। जमीर ने स्वयं को कार रेंटल कंपनी का संचालक बताते हुए उनसे दोस्ती की और आवश्यकता पड़ने पर वाहन उपलब्ध कराने की बात कही। शुरुआती लेन-देन में उसने समय पर भुगतान कर विश्वास हासिल कर लिया। बाद में उसने कई वाहन किराये पर लिए, लेकिन न तो पूरा किराया चुकाया और न ही वाहन वापस लौटाए।
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जांच में सामने आया कि गिरोह किराये पर ली गई गाड़ियों को अपने सहयोगियों के नाम पर फर्जी मालिक बताकर गिरवी रख देता था या फिर मजबूरी की कहानी सुनाकर कम कीमत पर बेच देता था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस ने राहुल जोशी को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर दो स्कॉर्पियो, एक थार, एक एक्सयूवी-300, एक होंडा सिटी, एक वेन्यू, एक स्विफ्ट डिजायर और एक टियागो कार बरामद की गई। पुलिस के अनुसार सैयद जमीर और शम्मी खान पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। अब तक की जांच में करीब 30 लाख रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है। मामले में समीर खान और अनुराग माहेश्वरी की भूमिका भी उजागर हुई है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
