भोपाल के गांधी नगर स्थित केंद्रीय जेल के पास उस समय सनसनी फैल गई जब जेल की गौशाला से काम कर लौट रहा एक बंदी जामुन के पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका मिला। समय पर जेल में दाखिल न होने पर जब जेल प्रहरी उसे तलाशने पहुंचे, तो वह पेड़ से लटका हुआ मिला। बताया जा रहा है कि उसने कुछ ही देर पहले फांसी लगाई थी, और उसके शरीर में हल्की हलचल भी देखी गई।
जेल प्रहरी ने अस्पताल पहुंचाया, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
जेल प्रहरी तुरंत एक्टिवा से बंदी को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। जेल परिसर के भीतर हुई इस घटना ने सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांधी नगर पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान गुड्डु आदिवासी (53) निवासी बाड़ी, जिला रायसेन के रूप में हुई है। उसे वर्ष 2017 में हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी और वह भोपाल केंद्रीय जेल में बंद था।
गौशाला में करता था काम, लौटते समय हुआ हादसा
जेल प्रबंधन के अनुसार गुड्डु रोज की तरह रविवार को भी अन्य बंदियों के साथ गौशाला में काम कर रहा था। शाम को सभी बंदी स्नान के बाद जेल लौट रहे थे। रास्ते में पंप हाउस पर सभी बंदियों ने मोटर बंद कर जेल में प्रवेश किया, लेकिन गुड्डु पीछे रह गया।
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पंप हाउस के पास जामुन के पेड़ से लटका मिला शव
जब अन्य बंदियों की गिनती में गुड्डु नहीं मिला तो जेल प्रहरी एक अन्य बंदी के साथ उसे ढूंढने पंप हाउस पहुंचे। वहां जामुन के पेड़ पर दुपट्टे से बने फंदे में वह लटका मिला। घटना के बाद उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत की पुष्टि हुई।
पोस्टमार्टम और जांच जारी, परिजनों के आने का इंतजार
गांधी नगर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को हमीदिया अस्पताल की मर्चरी में रखवा दिया है। परिजनों के भोपाल पहुंचने के बाद सोमवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच के लिए जेल प्रबंधन और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की तैयारी कर रही है। इस घटना के बाद केंद्रीय जेल की सुरक्षा व्यवस्था और कैदियों की निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन मामले की विस्तृत जांच में जुटा है।
