शिक्षक भर्ती परीक्षा 2025 में पद वृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। सोमवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से भोपाल पहुंचे अभ्यर्थियों ने अनोखे और उग्र अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। चिलचिलाती धूप के बीच कई अभ्यर्थी अर्धनग्न होकर सड़क पर लेट गए, जबकि कुछ ने जनजातीय कार्य विभाग कार्यालय से लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) तक दंडवत यात्रा कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष अभ्यर्थी शामिल हुए। हाथों में तख्तियां लेकर उन्होंने नारेबाजी की और शिक्षक भर्ती में रिक्त पदों के अनुरूप पद वृद्धि कर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की मांग उठाई। अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछले नौ महीनों से लगातार आंदोलन करने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।


डेढ़ लाख से अधिक पद खाली, फिर भी सीमित भर्ती का आरोप

अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश में शिक्षकों के डेढ़ लाख से अधिक पद रिक्त हैं, लेकिन भर्ती में केवल 8 से 10 हजार पद ही निकाले जाते हैं। इससे पात्रता और चयन परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले हजारों उम्मीदवार नौकरी से वंचित रह जाते हैं। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक जनजातीय कार्य विभाग में करीब 50 हजार और लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) में लगभग एक लाख शिक्षकों के पद खाली हैं। वहीं करीब 50 हजार अभ्यर्थी दोनों परीक्षाएं पास कर चुके हैं, लेकिन पदों की संख्या कम होने के कारण नियुक्ति नहीं मिल पा रही है। उनका कहना है कि वर्षों तक भर्ती का इंतजार करते-करते कई उम्मीदवार आयु सीमा पार कर जाते हैं।

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वर्ग-2 और वर्ग-3 में पद बढ़ाने की मांग

आंदोलनकारियों ने बताया कि उनका मौजूदा आंदोलन शिक्षक पद वृद्धि को लेकर है। उन्होंने सरकार से वर्ग-3 प्राथमिक शिक्षक भर्ती में 25 हजार पद बढ़ाने तथा वर्ग-2 माध्यमिक शिक्षक भर्ती में प्रत्येक विषय में 3-3 हजार अतिरिक्त पद जोड़ने की मांग की है। इस संबंध में अभ्यर्थियों ने ज्ञापन भी सौंपा।

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आंदोलन तेज करने की चेतावनी

अभ्यर्थियों ने कहा कि वे पिछले कई महीनों से अलग-अलग चरणों में धरना, प्रदर्शन, मुंडन और मार्कशीट दहन जैसे आंदोलन कर चुके हैं। इसके बावजूद मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द पद वृद्धि की घोषणा नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।



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