बाबा महाकाल के दरबार में वीआईपी और आम भक्त के फर्क पर सांसद अनिल फिरोजिया ने फिर चोट की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल पूरे होने पर जब वे महाकाल मंदिर पहुंचे, तो अफसरों के लाख मनाने पर भी VIP गेट से नहीं गए। बोले- जहां जनता खड़ी है, वहीं से दर्शन करूंगा।

बुधवार को मंदिर में नजारा अलग था। जिस गेट से नेता-अफसर सीधे अंदर जाते हैं, सांसद ने उसे नजरअंदाज कर दिया। आम श्रद्धालुओं के साथ कतार में लगे और बैरिकेड से ही बाबा को शीश नवाया। नंदी हॉल में 50 से ज्यादा भाजपाई उनका इंतजार कर रहे थे, लेकिन सांसद ने बेरिकेड्स से ही बाबा महाकाल के दर्शन किए। मंदिर में जहां एक तरफ वीआईपी सीधे गर्भगृह तक पहुंच जाते हैं, वहीं बुजुर्ग और आम श्रद्धालु घंटों लाइन में लगने को मजबूर हैं। सांसद ने आम जनता के दर्द को महसूस करते हुए कई बार लाइन में लगकर दर्शन किए हैं।

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महाशिवरात्रि पर भी जताई थी नाराजगी

तहसील पूजा के दौरान जब जिला अफसर गर्भगृह में पूजन कर रहे थे और आम लोग बैरिकेड से दर्शन कर रहे थे, तब सांसद नाराज हो गए थे। उन्होंने आपत्ति जताई और खुद भी बैरिकेड से ही दर्शन किए थे। अफसरों के मनाने पर भी नहीं माने थे।

गर्भगृह में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश का मुद्दा उठाया

दिशा समिति की बैठक में सांसद ने गर्भगृह में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर लगी रोक का मुद्दा उठाया। कलेक्टर से मांग की कि रोजाना दो घंटे के लिए आम भक्तों को गर्भगृह में प्रवेश दिया जाए। उन्होंने कहा था कि मेरी 85 वर्षीय मां पैरों से चलने में असमर्थ होने के बावजूद दर्शन को आती हैं, लेकिन गर्भगृह में प्रवेश न मिलने से निराश होती हैं। भगवान के दरबार में कोई वीवीआईपी नहीं होता, राजा हो या आम नागरिक, सभी समान हैं।

प्रोटोकॉल के नाम पर नियमों की धज्जियां

सांसद ने मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन की प्रोटोकॉल व्यवस्था पर गंभीर आपत्ति जताई थी। आरोप लगाया था कि प्रोटोकॉल के नाम पर आम श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। प्रोटोकॉल व्यवस्था का दुरुपयोग बंद होना चाहिए। विशेष अनुमति नियमानुसार हो, न कि व्यक्तिगत प्रभाव के कारण।

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सिंहस्थ 2028 से पहले CISF-CRPF की मांग

सुरक्षा को लेकर भी सांसद गंभीर हैं। सिंहस्थ 2028 को देखते हुए वे पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर महाकाल मंदिर में CISF या CRPF की स्थायी तैनाती की मांग कर चुके हैं। 2020 में भी ये मांग उठाई थी।

महाकाल मंदिर में दर्शन व्यवस्था का निरीक्षण किया

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए महाकाल मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर दर्शन व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने सामान्य श्रद्धालुओं के साथ-साथ 250 रुपये की विशेष दर्शन टिकट से दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए निर्धारित मार्ग और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर सिंह ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि श्रावण मास शुरू होने से पहले श्रद्धालुओं को सुगम और सुविधापूर्ण दर्शन का मार्ग उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए चल रहे सभी निर्माण और व्यवस्थागत कार्यों की गति बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन आएंगे। ऐसे में अभी से भीड़ प्रबंधन, कतार व्यवस्था, पेयजल, छाया और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने होंगे।

 

नंदी हॉल मे थे 50 से ज्यादा VIP लेकिन सांसद फिरोजिया ने लाइन में लगकर किए महाकाल दर्शन

सांसद ने आम भक्तों की तरह किए दर्शन

सांसद ने आम भक्तों की तरह किए दर्शन

 



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