मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की राज्य सेवा और राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा रविवार को पूरे प्रदेश में आयोजित की जा रही है। इस बार परीक्षा को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है और सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक कड़ा बनाया गया है। प्रदेश के 54 जिला मुख्यालयों में बनाए गए 365 परीक्षा केंद्रों पर हजारों अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा दो सत्रों में होगी। पहला सत्र सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरा सत्र दोपहर 2:15 बजे से शाम 4:15 बजे तक आयोजित किया जाएगा। परीक्षा ओएमआर पद्धति से होगी।

पहली बार लागू हुई तीन स्तर की सुरक्षा जांच

इस बार परीक्षा में पारदर्शिता और नकल रोकने के लिए पहली बार थ्री-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम लागू किया गया है। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले तीन चरणों की जांच से गुजरना होगा। इसमें बायोमेट्रिक सत्यापन, एडमिट कार्ड की स्कैनिंग और हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से तलाशी शामिल है। हर अभ्यर्थी की जांच में लगभग 5 से 7 मिनट का समय लग सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए आयोग ने अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर तय समय से 90 मिनट पहले पहुंचने के निर्देश दिए हैं। पहले यह समय 45 मिनट था।

30 मिनट पहले बंद हो जाएंगे गेट

परीक्षा केंद्रों के गेट परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले ही बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद किसी भी स्थिति में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि देरी से पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने का मौका नहीं मिलेगा।

दोनों सत्रों में होगी सख्त जांच

अभ्यर्थियों की जांच केवल प्रवेश के समय ही नहीं, बल्कि दोनों सत्रों में की जाएगी। परीक्षा केंद्रों के बाहर प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची चस्पा की गई है, जिसका सख्ती से पालन करना होगा। फ्रिस्किंग के दौरान पुरुष अभ्यर्थियों की जांच पुरुष स्टाफ और महिला अभ्यर्थियों की जांच महिला स्टाफ द्वारा की जाएगी। ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों को यह विकल्प दिया गया है कि वे अपनी जांच महिला या पुरुष कर्मचारी में से किसी से भी करवा सकते हैं।

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सिर्फ जरूरी सामान ही ले जा सकेंगे

अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में केवल सीमित वस्तुएं ले जाने की अनुमति होगी। इनमें बॉल पेन, पारदर्शी पानी की बोतल, ई-प्रवेश पत्र और वैध पहचान पत्र शामिल हैं। इसके अलावा किसी भी इलेक्ट्रॉनिक या प्रतिबंधित वस्तु को ले जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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नकल रोकने पर फोकस, प्रशासन अलर्ट मोड पर

इस बार आयोग ने नकल रोकने और परीक्षा को निष्पक्ष बनाने के लिए विशेष रणनीति अपनाई है। सभी केंद्रों पर निगरानी के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं और अधिकारियों को लगातार सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। 



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