नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। बेशक केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया हो कि सिलिंडर की बुकिंग 25 दिन बाद करा सकते हैं, लेकिन बुकिंग कराने के बाद डीएसी यानी डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड ही आठ से नौ दिन में उपभोक्ताओं के पास आ रहा है। कोड आ भी जाता है तो इसके बाद सिलिंडर की डिलीवरी भी छह से सात दिन में मिल रही है यानी कुल मिलाकर उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलिंडर 35 से 40 दिन में ही मिल रहा है।
खास तौर से इंडेन गैस के उपभोक्ताओं के साथ यह हो रहा है। हालांकि अन्य गैस कंपनियों में समय कम लग रहा है। इससे उपभोक्ताओं को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है।
यह होता था पहले और अब यह हालत
पहले जैसे उपभोक्ता एलपीजी सिलिंडर बुक कराता था तो तुरंत ही उसे एसएमएस के जरिये डीएसी कोड मिल जाता था। डीएसी कोड मिलने के बाद दूसरे या तीसरे दिन उन्हें सिलिंडर मिल जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब बुकिंग कराने के बाद डीएसी नंबर ही आठ से दस दिन में आ रहा है। डीएसी नंबर आने के बाद एजेंसी से सिलिंडर की डिलीवरी सात से आठ दिन में मिल रही है।
क्यों हो रहा है ऐसा
गैस एजेंसियों के मुताबिक कंपनी से उन्हें मांग के मुताबिक सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में डीएसी नंबर भी उपभोक्ताओं को देरी से मिल रहे हैं। साथ ही डीएसी नंबर मिलने के बाद भी उपभोक्ताओं को डिलीवरी में देरी हो रही है।
बताया जाता है कि कुछ एजेंसियों को तो मांग के मुताबिक ठीक ठाक संख्या में सिलिंडर मिल जाते हैं, लेकिन कई एजेंसियों को मांग के आधे भी नहीं मिलते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं तक सिलिंडर देरी से पहुंचते हैं।
तो इसलिए नहीं मिल रहे शादी वालों को सिलिंडर
शहर की तकरीबन सभी गैस एजेंसियां खाद्य नियंत्रक कार्यालय ये सूची मिलने व वहां से लिखा हुआ होने के बाद भी शादी के कार्ड पर दो से तीन कमर्शियल सिलिंडर दे रही हैं, लेकिन यही सिलिंडर शहर के रेस्टोरेंट, होटल व हलवाईयों को मन मुताबिक आसानी से मिल रहे है।
