भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए करीब 48 हजार युवकों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। आवेदन प्रक्रिया संपन्न होने के बाद लिखित परीक्षा की तैयारी शुरू हो …और पढ़ें

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए करीब 48 हजार युवकों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। आवेदन प्रक्रिया संपन्न होने के बाद लिखित परीक्षा की तैयारी शुरू हो गई है। जून में लिखित परीक्षा के लिए ग्वालियर और सागर में परीक्षा केंद्र बनाये जा रहे हैं। शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी भी अभी से प्रारंभ कर दी गई है। इसके लिए सेना भर्ती कार्यालय के अधिकारियों द्वारा सोमवार को ग्वालियर के कलेक्टर एवं एसएसपी को पत्र लिखा जाएगा।
ग्वालियर में शारीरिक दक्षता परीक्षा कराने की तैयारी
सेना के अधिकारी ग्वालियर में ही शारीरिक दक्षता परीक्षा कराना चाहते हैं। अगर यहां अनुमति नहीं मिलेगी तो सागर में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। यहाँ बता दें कि 13 फरवरी से 10 अप्रैल तक लिखित परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन हुए थे। इस बार अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु 22 वर्ष कर दी गई है। इसके चलते इस बार अभ्यर्थियों की संख्या 48 हजार तक पहुंच गई है। पहली बार इतनी अधिक संख्या में आवेदन हुए हैं। पिछले साल 33 हजार अभ्यर्थियों ने ही आवेदन किए थे।
जून में लिखित परीक्षा और जुलाई में परिणाम
इस बार ऑनलाइन लिखित परीक्षा में अधिक संख्या में अभ्यर्थी शामिल होंगे। इसके चलते ग्वालियर में इस बार अधिक परीक्षा केंद्र बनाये जाएंगे। ग्वालियर के अलावा सागर में भी परीक्षा केंद्र बनाये जाएंगे। जून में लिखित परीक्षा होनी है। इसके चलते मई के पहले सप्ताह में प्रवेश पत्र जारी कर दिए जाएंगे। जून के दूसरे सप्ताह से लिखित परीक्षा प्रारंभ हो सकती है। करीब एक माह तक लिखित परीक्षा चलेगी। जुलाई में परीक्षा परिणाम आएगा और इसके बाद अगस्त से सितंबर के बीच शारीरिक परीक्षा होगी।
भिंड-मुरैना के अभ्यर्थियों को होगा लाभ
शारीरिक दक्षता परीक्षा अगर ग्वालियर में होगी तो सबसे ज्यादा लाभ भिंड-मुरैना के ही अभ्यर्थियों को होगा। मुरैना के सबसे ज्यादा अभ्यर्थी हैं, दूसरे नंबर पर भिंड है। इन दोनों जिलों के अभ्यर्थी ही सबसे ज्यादा हैं। सागर में शारीरिक परीक्षा होगी तो असुविधा होगी। अधिकांश युवक ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर हैं, इन्हें असुविधा होगी।
2014 के उपद्रव के कारण प्रशासन की हिचक
ग्वालियर में लगा कलंक पुलिस-प्रशासन नहीं हटा पा रहा है। 2014 में सेना भर्ती रैली के दौरान ग्वालियर में उपद्रव हुआ था। अभ्यर्थियों ने उत्पात मचाया था। इसके बाद ग्वालियर को ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया। यहां सेना द्वारा रैली आयोजित नहीं की गई। अब सेना ही चाहती है कि यहां शारीरिक दक्षता परीक्षा हो। इसका कारण है- पहले लिखित परीक्षा होती है।
लिखित परीक्षा में जो चयनित होते हैं, वही शारीरिक दक्षता परीक्षा में पहुंचते हैं। इसलिए संख्या कम हो जाती है। अब प्रतिदिन जितने अभ्यर्थी शारीरिक परीक्षा में शामिल होते हैं, उन्हें आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। फिर भी पुलिस-प्रशासन द्वारा 2014 में हुए उपद्रव का बहाना लेकर यहां शारीरिक दक्षता परीक्षा की अनुमति जारी नहीं की जाती।
