मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसानों को सस्ती और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यदि किसानों को सस्ती ऊर्जा मिलेगी, तो वे अपने उत्पादन में वृद्धि कर सकेंगे और प्रदेश की प्रगति में भी योगदान देंगे। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में किसानों को ऊर्जा उत्पादक बनाने पर जोर देते हुए कहा कि उन्हें हरित ऊर्जा से जोड़ा जाना जरूरी है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को सोलर पम्प के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाए। जो किसान इस योजना से जुड़ना चाहते हैं, उन्हें विभाग की ओर से पूरी मदद और मार्गदर्शन दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 2 लाख से अधिक किसानों को सोलर पम्प से जोड़ने का लक्ष्य तय किया जाए और योजनाओं को तय समय सीमा में पूरा किया जाए, ताकि बेहतर और तेज परिणाम मिल सकें।
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बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना (रूफटॉप स्कीम) की प्रगति बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग अपने वार्षिक लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करें और जरूरत के अनुसार उनमें वृद्धि करें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नगरीय निकाय कचरा प्रबंधन और सौर ऊर्जा योजनाओं के माध्यम से आय बढ़ा सकते हैं। इसके लिए भोपाल में नगरीय निकायों के पदाधिकारियों और अधिकारियों के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि वे इन योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू कर सकें।
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दो वर्षों में चार लाख पम्प सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य
ऊर्जा क्षेत्र की बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने मुरैना में प्रस्तावित 2 हजार मेगावॉट की अल्ट्रा मेगा रिन्यूएबल एनर्जी पावर पार्क परियोजना में राज्य के हितों का ध्यान रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चल रही हैं। सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना के तहत अब तक 27 हजार 100 सोलर पम्प लगाए जा चुके हैं और अगले दो वर्षों में 4 लाख पम्प सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य है। इसके अलावा लाखों किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने के लिए सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्था विकसित की जा रही है। सरकार का उद्देश्य किसानों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और उनकी आय बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि योजनाओं को जमीन पर तेजी से लागू करना ही सरकार की प्राथमिकता है।