इंदौर के ऐतिहासिक गांधी हॉल में 15 अप्रैल को एक भव्य सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। इस विशेष समागम में 25 जोड़े वैदिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के साथ वैवाहिक बंधन में बंधेंगे। इस आयोजन की सबसे अनूठी विशेषता यह रहेगी कि विवाह की रस्मों के दौरान सभी नवदंपति, उनके परिजन और बाराती सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत वंदे मातरम का गायन करेंगे। आयोजकों का मानना है कि इससे विवाह जैसे मांगलिक कार्य में राष्ट्रभक्ति का संचार होगा।
यह भी पढ़ें…
Indore News: NEET के 23 हजार छात्रों की किस्मत का फैसला 3 मई को, 57 केंद्रों पर पुलिस का पहरा
स्वच्छता और राष्ट्र रक्षा के संकल्प के साथ नौ वचन
आमतौर पर हिंदू विवाह पद्धति में सात फेरे और सात वचन प्रसिद्ध हैं, परंतु इस सम्मेलन में नवदंपतियों को सात फेरों के साथ नौ विशेष वचन दिलाए जाएंगे। इन अतिरिक्त वचनों का उद्देश्य सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारी का बोध कराना है। इन संकल्पों में मुख्य रूप से इंदौर शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण में लगातार प्रथम स्थान पर बनाए रखने का प्रयास करना, राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहना और अपनी सामाजिक भूमिकाओं का ईमानदारी से निर्वहन करना शामिल है।
सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक समरसता का संगम
इस आयोजन के मुख्य सूत्रधार विधायक गोलू शुक्ला ने तैयारियों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि कार्यक्रम को भव्य रूप देने के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। विवाह बंधन में बंधने वाले प्रत्येक जोड़े के लिए शासन और समिति द्वारा आवश्यक सुविधाएं और उपहारों की व्यवस्था की गई है। शुक्ला के अनुसार, यह सम्मेलन केवल एक वैवाहिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समरसता, आपसी एकता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक अभिनव प्रयास है। वैदिक परंपराओं के साथ राष्ट्रवाद का यह मेल इंदौर की संस्कृति में एक नया अध्याय जोड़ेगा।
