राजधानी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अब बड़ा सियासी मुद्दा बन गई है। ठेला कारोबारियों पर लगातार हो रही कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने नगर निगम के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान भावुक दृश्य तब सामने आया जब कांग्रेस नेता मुजाहिद सिद्दीकी डिप्टी कमिश्नर के पैरों में गिर पड़े और गरीबों की रोजी-रोटी बचाने की गुहार लगाने लगे।
आग की घटना के बाद भड़का विरोध
दो दिन पहले 10 नंबर मार्केट में अतिक्रमण हटाने के दौरान एक ठेला संचालक ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली थी। इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया और इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर निगम की कार्रवाई अमानवीय है और छोटे व्यापारियों को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है।
नगर निगम के बाहर ठेला प्रदर्शन
माता मंदिर स्थित नगर निगम कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनोखे अंदाज में विरोध जताया। ठेला लगाकर जलजीरा और शिकंजी बेचते हुए उन्होंने नारे लगाए गरीब का चूल्हा मत बुझाओ और रोजगार दो, अत्याचार नहीं। इस प्रदर्शन ने राहगीरों का ध्यान भी खींचा।
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वसूली और बदसलूकी के आरोप
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अतिक्रमण के नाम पर छोटे ठेला संचालकों से वसूली की जाती है, बिना नोटिस उनके ठेले हटाए जाते हैं और कई बार गाली-गलौज तक की जाती है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई गरीबों के सम्मान और आजीविका पर सीधा हमला है।
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तीन महीने की राहत की मांग
प्रदर्शनकारियों ने मांग रखी कि भीषण गर्मी के इस समय में ठेला संचालकों को कम से कम तीन महीने की राहत दी जाए। साथ ही, पहले वैकल्पिक वेंडिंग ज़ोन तय किए जाएं, उसके बाद ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए। हंगामे के बीच डिप्टी कमिश्नर ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने साफ कर दिया कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और उग्र होगा।
