09:19 AM, 10-Apr-2026
Ujjain News: अब तक करीब 100 फीट गहरी समानांतर टनल खोदी जा चुकी
बच्चे की स्थिति पर लगातार डिवाइस और आधुनिक उपकरणों के जरिए नजर रखी जा रही है। भागीरथ को मौत के मुंह से खींच लाने के लिए केवल उज्जैन ही नहीं, बल्कि इंदौर और हरदा से भी एसडीआरएफ की विशेष टीमों को बुलाया गया है। हरदा की टीम को इस तरह के जटिल बोरवेल ऑपरेशनों में महारत है। उनके साथ एनडीआरएफ के जवान और कई निर्माण एजेंसियों के सीनियर इंजीनियर मौके पर रणनीति बना रहे हैं।
पिछले 14 घंटों से लगातार जारी इस ऑपरेशन में अब तक करीब 100 फीट गहरी समानांतर टनल खोदी जा चुकी है। मौके पर 5 विशालकाय पोकलेन और कई जेसीबी मशीनें जमीन का सीना चीरकर बच्चे तक पहुंचने का रास्ता बना रही हैं। एसपी प्रदीप शर्मा खुद मौके पर मौजूद हैं और पल-पल की निगरानी कर रहे हैं। पूरे इलाके को पुलिस ने चारों ओर से घेर लिया है, ताकि भारी मशीनरी के काम में कोई बाधा न आए।
एसपी शर्मा ने अपील करते हुए ग्रामीणों से कहा है कि वे घटनास्थल पर भीड़ न लगाएं, क्योंकि भीड़ की वजह से ऑक्सीजन की आपूर्ति और मशीनों के आवागमन में दिक्कत हो सकती है।
Ujjain Tragedy Live: यहां 75 फीट नीचे बोरवेल में गिरा तीन साल का मासूम, बच्चे तक पहुंचने की जद्दोजहद जारी
उज्जैन के बड़नगर के ग्राम झालरिया में पिछले कई घंटों से मौत और जिंदगी के बीच एक मासूम की जंग जारी है। 3 साल का नन्हा भागीरथ एक गहरे बोरवेल में फंसा हुआ है, जिसे बचाने के लिए प्रशासन और रेस्क्यू टीमों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
राजस्थान के पाली जिले का रहने वाला 3 वर्षीय भागीरथ अपने परिवार के साथ भेड़ चराने के लिए उज्जैन के बड़नगर आया था। गुरुवार रात करीब 8 बजे जब परिवार काम में व्यस्त था, खेलते-खेलते मासूम एक खुले बोरवेल के पास जा पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बोरवेल में झांकने के दौरान उसका संतुलन बिगड़ा और वह सीधे गहराई में समा गया।
जैसे ही परिजनों को इस हादसे का पता चला, चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते प्रशासन हरकत में आ गया। रात भर चले इस सस्पेंस भरे ऑपरेशन में सबसे बड़ी कामयाबी तब मिली, जब रेस्क्यू टीम ने बोरवेल के भीतर कैमरा डाला। सीसीटीवी के माध्यम से भागीरथ को करीब 75 फीट की गहराई पर लोकेट किया गया है। विजुअल्स में बच्चे के हाथों की हरकत दिखाई दी है, जिससे रेस्क्यू टीमों और परिजनों की उम्मीदें जाग गई हैं।
