मध्यप्रदेश सरकार ने टीकमगढ़ नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार को गंभीर अनियमितताओं के आरोप में पद से हटा दिया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार उन्हें तत्काल प्रभाव से अध्यक्ष पद से पृथक करते हुए आगामी 5 वर्षों के लिए किसी भी चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया गया है। मामला नगर पालिका में आर्थिक अनियमितताओं और नियमों के विरुद्ध कराए गए कार्यों से जुड़ा है। शिकायत मिलने के बाद तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी, जिसने अपनी रिपोर्ट में कई गंभीर गड़बड़ियों की पुष्टि की। जांच में पाया गया कि दुकान आवंटन प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन किया गया। ऑनलाइन निविदा के बजाय ऑफलाइन प्रक्रिया अपनाई गई और आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया गया। साथ ही बिना पूरी राशि जमा कराए दुकानों का आवंटन कर दिया गया, जिससे नगर पालिका को करीब 18.89 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
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इसके अलावा, कर्मचारियों की भर्ती में भी अनियमितता सामने आई। आउटसोर्स प्रक्रिया के बजाय दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की नियुक्ति की गई, जबकि शासन ने इस पर रोक लगा रखी है। इस कारण लगभग 1.92 लाख रुपये की अतिरिक्त आर्थिक हानि हुई। जांच में यह भी सामने आया कि पाइपलाइन लीकेज सुधार के नाम पर सामग्री की खरीद में नियमों का पालन नहीं किया गया और बाजार दर से अधिक कीमत पर सामान खरीदा गया। इसमें कुछ विशेष फर्मों को फायदा पहुंचाने की बात भी सामने आई।
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अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार ने अपने जवाब में अधिकांश मामलों में जिम्मेदारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी पर डाली, लेकिन शासन ने इसे स्वीकार नहीं किया। आदेश में कहा गया कि अध्यक्ष होने के नाते उन पर निगरानी और नियंत्रण की जिम्मेदारी थी, जिसे वे निभाने में विफल रहे। सरकार ने कुल 20.82 लाख रुपये की आर्थिक क्षति की वसूली के भी निर्देश दिए हैं। यह राशि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अध्यक्ष से भी वसूली जाएगी। शासन ने स्पष्ट किया कि जनहित और निकाय हित को देखते हुए यह कार्रवाई आवश्यक थी।