मध्य प्रदेश में पीएनजी कनेक्शन की संख्या बढ़ाने को लेकर कवायद तेज हो गई है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव (खाद्य) रश्मि अरुण शमी ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिलों के अधिकारियों, ऑयल कंपनियों और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) संस्थाओं के साथ बैठक कर पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता की समीक्षा की। बैठक में निर्देश दिए गए कि जिन घरों में पीएनजी पाइपलाइन पहुंच चुकी है, वहां 10 दिनों के भीतर गैस सप्लाई शुरू की जाए। साथ ही उपभोक्ताओं को बताया जाए कि यदि वे पीएनजी नहीं लेते हैं, तो केंद्र सरकार के निर्देशानुसार तीन महीने बाद उनकी एलपीजी सप्लाई बंद की जा सकती है। तीन माह में दो लाख पीएनजी कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। गृह विभाग से जुड़े संस्थानों, पुलिस, रक्षा प्रतिष्ठानों, कॉलोनियों और सरकारी आवासों में, जहां पाइप लाइन उपलब्ध है, वहां प्राथमिकता से पीएनजी कनेक्शन देने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछ चुकी है, वहां रहवासियों और व्यवसायियों की सूची बनाकर कैंप लगाए जा रहे हैं। इस काम में नगर निगम, नगर पालिका और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
ये भी पढ़ें- MP news: नौकरी पर संकट का डर,सड़कों पर उतरे शिक्षक,भोपाल में DPI घेराव,TET आदेश के खिलाफ प्रदेशभर में प्रदर्शन
औद्योगिक क्षेत्रों में भी जहां पाइपलाइन पहुंच गई है, वहां इकाइयों को पीएनजी पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। सीजीडी संस्थाओं के लिए मैनपावर बढ़ाने हेतु आईटीआई और पॉलिटेक्निक के प्रशिक्षार्थियों की मदद ली जा रही है। माइग्रेंट श्रमिकों और छात्रों के लिए 5 किलो के गैस सिलिंडर 1529 रुपये में उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिन्हें बिना एड्रेस प्रूफ के लिया जा सकता है। इसका रिफिल चार्ज 585 रुपये है।
ये भी पढ़ें- Bhopal news: कॉलेज के पास शराब दुकान का विरोध, ABVP का हंगामा, सड़क किया जाम, दुकान पर हमला, पुलिस से झड़प
पीएनजी के प्रचार के लिए कचरा गाड़ियों के जरिए जिंगल चलाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, शादी गार्डन, केटरर्स और स्ट्रीट वेंडर्स को 70% सीमा तक कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराने को कहा गया है। सरकार ने पाइपलाइन बिछाने की सभी अनुमतियां 24 घंटे के भीतर जारी करने की व्यवस्था लागू की है। वहीं, एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए 3226 स्थानों पर जांच कर 3961 सिलिंडर जब्त किए गए और 11 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है।