नगर निगम परिषद का बजट मंगलवार को पेश होने जा रहा है। इस बार बजट में शहरवासियों पर नए करों का बोझ नहीं डाला जाएगा, लेकिन कोई बड़ी घोषणाएं भी नहीं होंगी। भाजपा की निगम परिषद का फोकस पुराने प्रोजेक्टों, सफाई व्यवस्था और मास्टर प्लान की 29 सड़कों पर रहेगा। इस बार बजट का आंकड़ा भी पिछले बजट के आसपास ही रहने की संभावना है। निगम की मौजूदा वित्तीय स्थिति को देखते हुए बड़े नए प्रोजेक्ट्स की उम्मीद कम ही है।
भागीरथपुरा दूषित पेयजल कांड के संदर्भ में वार्डों में पानी की जांच के लिए लैब शुरू करने की योजना निगम ने बनाई है, जिसकी घोषणा बजट में हो सकती है। इसके अलावा नर्मदा के चतुर्थ चरण और मास्टर प्लान की 29 सड़कों के निर्माण के लिए बजट में बड़ी राशि रखी जाएगी। साथ ही 29 गांवों में नर्मदा जल आपूर्ति और सीवरेज लाइन बिछाने के लिए भी पर्याप्त बजट का प्रावधान किया जाएगा।
नर्मदा चतुर्थ चरण के कार्य का भूमिपूजन हो चुका है। निगम का लक्ष्य है कि अगले नगरीय निकाय चुनाव से पहले इस प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाए। इस बार के बजट में चौथे चरण के तहत शहर में वितरण नेटवर्क बिछाने की योजना पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
नगर निगम के अधिकांश प्रोजेक्ट केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाली राशि पर निर्भर हैं। मंगलवार को बजट पेश करने के बाद महापौर इसकी विस्तृत जानकारी देंगे। इसके बाद बुधवार को बजट पर चर्चा के लिए समय निर्धारित किया जा सकता है।
विपक्षी पार्षद दल ने भी बजट को लेकर निगम परिषद को घेरने की तैयारी की है। उनका कहना है कि पिछले बजट में भाजपा परिषद द्वारा की गई कई घोषणाएं धरातल पर नहीं उतर पाईं। इस बार बजट में पुराने प्रोजेक्टों को तय समय सीमा में पूरा करने पर जोर रहेगा। अगले वर्ष का बजट नगर निगम चुनाव से पहले का होगा, जिसमें बड़ी घोषणाएं किए जाने की संभावना है।
