मध्यप्रदेश में सरकारी और निजी क्षेत्रों में कार्यरत करीब 50 लाख श्रमिकों को नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ राहत मिली है। श्रम विभाग ने न्यूनतम वेतन दरों में संशोधन करते हुए 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक के लिए नई दरें लागू कर दी हैं। इस बदलाव के तहत श्रमिकों को प्रतिदिन लगभग 9 रुपये की वृद्धि के साथ परिवर्तनशील महंगाई भत्ता (VDA) का लाभ मिलेगा। श्रमायुक्त तन्वी हुड्डा द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह संशोधन महंगाई सूचकांक में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इसमें जुलाई से दिसंबर 2025 के औसत सूचकांक के आधार पर वेतन में बढ़ोतरी तय की गई है। इस निर्णय से सरकारी क्षेत्र के लगभग 10 लाख और निजी क्षेत्र विशेषकर उद्योगों में कार्यरत करीब 40 लाख श्रमिकों को फायदा होगा।

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उद्योगों के लिए भी अलग-अलग दरें तय की गई

नई दरों के अनुसार 26 दिन के कार्यमान पर अकुशल श्रमिक को 12,425 रुपये, अर्द्धकुशल को 13,421 रुपये, कुशल श्रमिक को 15,144 रुपये और उच्च कुशल श्रमिक को 16,769 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। दैनिक वेतन की बात करें तो यह क्रमशः 478 रुपये, 516 रुपये, 582 रुपये और 645 रुपये निर्धारित किया गया है। विभिन्न उद्योगों के लिए भी अलग-अलग दरें तय की गई हैं। स्लेट-पेंसिल उद्योग में मजदूरों को 478 रुपये प्रतिदिन से लेकर उच्च कुशल श्रमिकों को 645 रुपये तक भुगतान होगा। वहीं कटर्स को 665 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे। प्रिंटिंग प्रेस और अन्य क्षेत्रों में भी श्रेणी के अनुसार वेतन तय किया गया है।

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कृषि क्षेत्र के श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर बढ़ोतरी

कृषि क्षेत्र के श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर अकुशल श्रमिक को 334 रुपये प्रतिदिन यानी करीब 10,012 रुपये मासिक वेतन मिलेगा। वहीं, सरकारी विभागों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए 30 दिन के आधार पर अलग से वेतन संरचना तय की गई है, जिसमें महंगाई भत्ते को जोड़कर अकुशल श्रमिक को 12,425 रुपये और उच्च कुशल को 16,769 रुपये तक वेतन मिलेगा। बीड़ी और अगरबत्ती उद्योग के लिए भी नई दरें लागू की गई हैं। बीड़ी बनाने पर 1000 नग के लिए कुल भुगतान 167.96 रुपए तक तय किया गया है, जबकि अगरबत्ती श्रमिकों को 1000 नग रोलिंग पर करीब 72 से 73 रुपये मिलेंगे।

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कर्मचारी संगठनों ने बताया ऊंट के मुंह में जीरा 

हालांकि, इस बढ़ोतरी को लेकर कुछ संगठनों ने नाराजगी जताई है। मध्यप्रदेश कर्मचारी मंच के अध्यक्ष अशोक पांडेय ने कहा कि महंगाई के दौर में यह बढ़ोतरी “ऊंट के मुंह में जीरा” जैसी है और श्रमिकों की मांगों को नजरअंदाज किया गया है। मध्यप्रदेश में दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों के वेतन में 1 अप्रैल 2026 से हुई करीब 300 मासिक बढ़ोतरी नाकाफी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सात दिन में वेतन में कम से कम 2000 वृद्धि नहीं की गई तो श्रमिक हड़ताल और आंदोलन करेंगे।



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