मध्य प्रदेश विधानसभा में आयोजित युवा विधायकों के दो दिनी सम्मेलन में कांग्रेस विधायक और उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कल्याणकारी योजनाओं को लेकर अलग राय रखते हुए ‘फ्रीबीज’ संस्कृति पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि बिना शर्त आर्थिक मदद देने वाली योजनाएं लंबे समय में देश के विकास के लिए ठीक नहीं हैं। कटारे ने कहा कि जनप्रतिनिधि बनने के बाद अक्सर यह डर बना रहता है कि कोई वर्ग नाराज न हो जाए, जिसके कारण कई बार ठोस फैसले नहीं लिए जा पाते। उन्होंने कहा कि अगर इसी डर में काम होगा तो देशहित के बड़े निर्णय लेना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह विकसित भारत के लिए हानिकारक है। यह रेवड़ी बांटना बंद करना चाहिए। 

ये भी पढ़ें-  गैस संकट के बीच कालाबाजारी का खुलासा: भोपाल में 50 सिलेंडर जब्त, शादी सीजन से पहले कमर्शियल सिलिंडर का संकट

महिलाओं के सशक्तिकरण पर अलग नजरिया

महिलाओं को आर्थिक सहायता देने वाली योजनाओं पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि केवल खाते में पैसा डालने से सशक्तिकरण नहीं होता। उनके अनुसार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनकी शिक्षा, कौशल और स्वास्थ्य पर निवेश ज्यादा जरूरी है। कटारे ने यह भी कहा कि यदि लोगों को बिना प्रयास के लगातार आर्थिक सहायता मिलती रहेगी, तो मेहनत और नवाचार की भावना कमजोर हो सकती है। इससे देश की प्रगति प्रभावित होती है।

ये भी पढ़ें- एम्स भोपाल में हाईटेक मेडिकल रिवोल्यूशन: अब 3D मॉडल से होगी सर्जरी की तैयारी, IOCL से हुआ बड़ा करार

अफसरशाही की जवाबदेही पर भी उठाए सवाल

सम्मेलन में उन्होंने नौकरशाही की जवाबदेही तय करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि जनप्रतिनिधियों की तरह अधिकारियों के कामकाज की भी नियमित समीक्षा होनी चाहिए, ताकि जिम्मेदारी तय हो सके। बता दें दो दिवसीय इस सम्मेलन में मध्यप्रदेश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और राजस्थान के युवा विधायक शामिल हुए, जहां लोकतंत्र, भविष्य की राजनीति और युवा नेतृत्व की भूमिका पर चर्चा की जा रही है।

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *