भिंड जिले में पुलिस ने एक सनसनीखेज अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया था। दरअसल घटना 18 फरवरी की है, जब सोई गांव के खेतों में एक महिला का शव प्लास्टिक की बोरी में बंद मिला था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त कराई। पहचान होने के बाद मृतका के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
शुरुआत में पुलिस के सामने यह मामला पूरी तरह अंधे कत्ल के रूप में था, जिसमें कोई ठोस सुराग नहीं मिल पा रहा था। पुलिस ने करीब 100 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। इसके बाद एसपी असित यादव के निर्देशन और एसडीओपी रविन्द्र वास्कले के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। गहन जांच के दौरान पुलिस को एक अहम सुराग हाथ लगा, जो घटनास्थल पर मिली घास से जुड़ा था। इसी आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
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अकेली देख बहका मन
पुलिस ने दिनेश, अनिल, संजीव शर्मा, हरिओम शर्मा और सरजू शर्मा को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि सभी आरोपी बढपुरी गांव के पास खेतों में पार्टी कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने अकेली जा रही महिला को देखा और वारदात की साजिश रच डाली। महिला को पकड़कर सरसों के खेत में ले जाया गया, जहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। बाद में गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई।
चंबल में फेंकना था, मेढ़ पर फेंक गए
घटना को छिपाने के लिए आरोपियों ने महिला के शव को प्लास्टिक की बोरी में घास के साथ भरकर ठिकाने लगाने की कोशिश की। वे शव को चंबल नदी में फेंकने जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही सोई गांव के खेतों की मेढ़ पर बोरी को फेंककर फरार हो गए। पुलिस ने मौके से बरामद घास का आसपास के खेतों से मिलान किया, जिससे जांच को निर्णायक दिशा मिली और अंततः आरोपियों तक पहुंचना संभव हो सका। पूरे मामले का खुलासा एसपी असित यादव ने प्रेस वार्ता के दौरान किया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में राहत की भावना है, वहीं इस जघन्य अपराध ने समाज को झकझोर कर रख दिया है।
