अमेरिका और ईरान के मध्य जारी सैन्य तनाव के बीच दुबई पर हुए मिसाइल हमलों ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। हालांकि राहत की बात यह है कि इन हमलों से किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ है और सभी नागरिक पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं। वर्तमान परिस्थितियों में दुबई के आर्थिक भविष्य और निवेश की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच स्थानीय निवासियों ने स्थिति स्पष्ट की है। अमर उजाला ने इस संबंध में इंदौर के मूल निवासी मनोज झरिया से विशेष चर्चा की जो पिछले 23 वर्षों से दुबई में रह रहे हैं और वहां एक प्रमुख एफएमसीजी ग्रुप में फाइनेंस हेड के पद पर कार्यरत हैं।
व्यापारिक केंद्र के रूप में दुबई की स्थिरता जारी रहेगी
मनोज झरिया के अनुसार दुबई का बाजार अपनी मजबूती बनाए रखेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि दुबई एक ऐसा वैश्विक केंद्र है जो भारत और अन्य देशों के बीच व्यापारिक सेतु का कार्य करता है। माल के आयात-निर्यात के लिए यह एक महत्वपूर्ण पड़ाव है जिससे यहां व्यापारिक गतिविधियों में निरंतर वृद्धि की संभावना बनी रहती है। दुबई प्रशासन की सतर्कता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि वहां के अधिकारी वर्तमान वैश्विक स्थितियों का सूक्ष्मता से विश्लेषण कर रहे हैं और हालातों को शीघ्र ही पूर्ण नियंत्रण में लेने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
शिक्षण व्यवस्था और दैनिक कार्यप्रणाली प्रभावित हुई
सुरक्षा और एहतियात के तौर पर स्थानीय स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। वर्तमान में तीन दिनों के लिए छात्रों को घर से ही शिक्षा ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षक आधुनिक ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग कर बच्चों की पढ़ाई का क्रम जारी रखे हुए हैं। आम जनजीवन के बारे में मनोज ने बताया कि वे और उनके साथी अपने घरों से ही कार्यालय का कार्य संपन्न कर रहे हैं। सड़कों पर सामान्य आवाजाही देखी जा सकती है और नागरिकों के बीच किसी भी प्रकार का भय या घबराहट का माहौल नहीं है।
विमानन सेवाएं और एयरपोर्ट की स्थिति
दुबई दुनिया के व्यस्ततम व्यापारिक केंद्रों में से एक होने के कारण यहाँ के हवाई अड्डे पर सदैव भारी दबाव रहता है। उड़ानों के अस्थायी रूप से बाधित होने के कारण यात्रियों को एयरपोर्ट पर प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। हालांकि प्रशासन की ओर से यात्रियों को नई उड़ानों और समय सारिणी के विषय में निरंतर जानकारी प्रदान की जा रही है ताकि उन्हें अधिक असुविधा न हो।
भ्रामक सूचनाएं सभी को परेशान कर रही
मनोज झरिया ने बताया कि इस समय सबसे बड़ी चुनौती फेक न्यूज यानी भ्रामक खबरें हैं। गलत सूचनाओं के प्रसार के कारण भारत में रह रहे उनके परिजन भी चिंतित होकर बार-बार संपर्क कर रहे हैं। संकट के इस समय में इंदौरी नेटवर्क ग्रुप एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कुछ वर्ष पूर्व छोटे स्तर पर शुरू हुए इस ग्रुप में अब 900 से अधिक सदस्य हैं जिनमें इंदौर के साथ-साथ उज्जैन, रतलाम, देवास, महू और खंडवा के लोग शामिल हैं। यह एक लाइसेंस प्राप्त और पंजीकृत संस्था है जिसके योग, बिजनेस, स्पोर्ट्स और बुक एक्सचेंज जैसे विभिन्न विंग सक्रिय हैं।
संकट काल में एक दूसरे की मदद
यह ग्रुप कोरोना महामारी से लेकर वर्तमान युद्ध जैसी स्थितियों तक निरंतर सक्रिय रहा है। मनोज ने कहा कि इंदौर या आसपास के क्षेत्रों का कोई भी व्यक्ति यदि दुबई में किसी समस्या में होता है, तो ग्रुप के सदस्य तुरंत सहायता के लिए पहुंच जाते हैं। वर्तमान तनावपूर्ण स्थिति में भी सदस्य एक-दूसरे का मनोबल बढ़ा रहे हैं। हालांकि फिलहाल दुबई में स्थिति सामान्य है, फिर भी किसी भी आपात स्थिति में सहायता के लिए इंदौरी नेटवर्क पूरी तरह तैयार है।
