लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शुक्रवार को इंदौर प्रवास पर रहे। शहर पहुंचने पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। बिरला साधारण यात्रियों की तरह दिल्ली से इंदौर आने वाली ट्रेन में सवार होकर आए। रेसीडेंसी कोठी पर अल्प विश्राम करने के पश्चात वे उज्जैन रोड स्थित श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।

यह भी पढ़ें…

Indore:नर्मदा पुल के नए कैरिजवे पर जल्द शुरू होगा ट्रायल रन, बड़वाह-सनावद मार्ग पर यातायात का दबाव होगा कम

विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम का प्रारंभ वंदे मातरम्, राष्ट्रगान, पारंपरिक दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति पुरुषोत्तमदास पसारी ने विधिवत रूप से समारोह के उद्घाटन की घोषणा की। उन्होंने अपने स्वागत भाषण में मुख्य अतिथि सहित उपस्थित शिक्षकों, अभिभावकों और उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का अभिनंदन किया।

समारोह के दौरान कुलगुरु प्रो. (डॉ.) योगेश सी. गोस्वामी ने विश्वविद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने संस्थान की शैक्षणिक यात्रा, बीते वर्ष में किए गए महत्वपूर्ण शोध कार्यों, विद्यार्थियों के प्लेसमेंट के आंकड़ों और संस्थागत विकास की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार विश्वविद्यालय निरंतर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है।

युवाओं की ऊर्जा से संवरेगा देश का भविष्य

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि वैष्णव ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे समाजहित के कार्यों ने उन्हें इस समारोह में आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं से कहा कि वे अत्यंत सौभाग्यशाली हैं जिन्हें इस प्रतिष्ठित संस्थान में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत का प्रगतिशील भविष्य पूरी तरह से युवाओं की ऊर्जा और उनके विजन पर निर्भर करता है।

सफल प्रोफेशनल बनने से पहले बेहतर इंसान बनें

कार्यक्रम में मौजूद इंदौर सांसद शंकर लालवानी ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और सामाजिक सेवा गतिविधियों की प्रशंसा की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संस्थान विद्यार्थियों में स्वावलंबन की भावना विकसित करने का सराहनीय कार्य कर रहा है। वहीं प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने भी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही हर वैश्विक समस्या का एकमात्र स्थायी समाधान है और जीवन में एक सफल प्रोफेशनल बनने से पहले एक बेहतर इंसान बनना अनिवार्य है।

मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक और उपाधियों से नवाजा

इस दीक्षांत समारोह में कुल 2008 स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इसके अतिरिक्त 32 शोधार्थियों को उनकी पीएचडी की डिग्री सौंपी गई। शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 16 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से नवाजा गया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. रूपा शिंदे ने किया और राष्ट्रगान के साथ इस शैक्षणिक उत्सव का समापन हुआ।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed