राजधानी में दुष्कर्म के बाद धर्मांतरण के लिए गरीब हिंदू युवतियों का ब्रेनवॉश करने वाली दो सगी बहनों अमरीन और आफरीन को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। इन दोनों बहनों के खिलाफ दोनों पीड़िताओं ने ड्रग्स तस्करी कराने का आरोप लगाया है।
इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाली दो युवतियां शुक्रवार शाम पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचीं, जहां उन्होंने खुलासा किया कि अमरीन और आफरीन ड्रग तस्करी के काले कारोबार में भी लिप्त हैं। इस धंधे में चंदन सहित कई अन्य लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं। ड्रग्स तस्करी भी हिंदू युवतियों से ही कराई जा रही थी।
पुलिस बढ़ाएगी जांच का दायरा
भोपाल पुलिस वर्तमान में मुख्य आरोपी अमरीन और उसके साथी चंदन को एक मार्च तक रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है, जबकि दूसरी बहन आफरीन को जेल भेज दिया गया है। जांच में अमरीन को ही इस गिरोह की मास्टरमाइंड माना जा रहा है। बागसेवनिया थाना पुलिस की एक टीम आरोपियों को लेकर अहमदाबाद पहुंची है, जहां छत्तीसगढ़ की एक ब्यूटीशियन युवती के साथ यासिर नामक युवक ने दुष्कर्म किया था। पुलिस फिलहाल फरार यासिर की तलाश कर रही है।
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फरार आरोपियों की तलाश
भोपाल पुलिस की एक अन्य टीम अमरीन के भाई बिलाल और मुंहबोले भाई चानू की तलाश में जुटी है। इसके अलावा, संजना उर्फ जन्नत नाम की युवती की भी तलाश की जा रही है, जिसने सबसे पहले पीड़िता को शाहपुरा स्थित एक होटल में आरोपी आफरीन से मिलवाया था। इसी गिरोह ने पीड़िता को काम दिलाने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया, उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया और उसे देह व्यापार के दलदल में धकेल दिया।
शर्ट कोडवर्ड से होती थी ड्रग्स की तस्करी
शुक्रवार शाम पीड़िता ने पुलिस आयुक्त संजय कुमार से मुलाकात कर गंभीर आरोप लगाए। पीड़ितों ने पुलिस आयुक्त को बताया कि यह गिरोह युवतियों के माध्यम से ही ड्रग्स की तस्करी करवाता था। शहर के नामचीन पब और लाउंज में एमडी ड्रग्स की डिलीवरी के लिए शर्ट कोडवर्ड का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस अब अमरीन और चंदन से इस ड्रग नेटवर्क के बारे में भी सघन पूछताछ करेगी।
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हिंदू युवतियां ही टारगेट पर रहती थीं
पीड़ित युवतियों के साथ बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता भी मौजूद थे। हिंदू संगठनों का आरोप है कि यह गिरोह जानबूझकर हिंदू युवतियों को निशाना बनाता था। उन्हें लग्जरी लाइफ और ईजी मनी का लालच देकर पहले देह व्यापार में उतारा जाता था और फिर इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर किया जाता था। पीड़ितों का दावा है कि आरोपियों के ऊंचे रसूख के कारण कई अन्य पीड़ित महिलाएं सामने आने से डर रही हैं।
