MP News: भोपाल के हनुमानगंज थाना प्रभारी अवधेश भदौरिया ने रानी कमलापति स्टेशन से दिल्ली जा रही वंदे भारत ट्रेन में सामान रखने को लेकर सहयात्रियों के स …और पढ़ें

HighLights
- वंदे भारत एक्सप्रेस में सामान रखने पर विवाद
- टीआई ने युवकों को बुलाकर बैंककर्मी को पिटवाया
- जीआरपी थाने में मामला पहुंचा गया है
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। भोपाल के हनुमानगंज थाना प्रभारी अवधेश भदौरिया ने रानी कमलापति स्टेशन से दिल्ली जा रही वंदे भारत ट्रेन में सामान रखने को लेकर सहयात्रियों के साथ जमकर विवाद किया। उनके साथ यात्रा कर रहे बैंककर्मी के साथ सामान रखने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। आरोप है कि उन्होंने ग्वालियर में युवकों को बुलाकर बैंककर्मी के साथ मारपीट भी कराई। ग्वालियर में जीआरपी थाने में मामला पहुंचा, तो दबाव बनाकर राजीनामा भी लिखवा लिया। यह घटनाक्रम गत 16 फरवरी का है। हालांकि जीआरपी के अफसर दबाव डालने के आरोपों से इनकार कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक भोपाल के हनुमानगंज थाना प्रभारी अवधेश भदौरिया गत 16 फरवरी को रानी कमलापति स्टेशन से ग्वालियर के बीच सी-9 कोच में सीट नंबर 15 पर यात्रा कर रहे थे। उनके बगल में अवधपुरी निवासी बैंककर्मी नीतेश त्रिपाठी की भी सीट थी। रानी कमलापति स्टेशन पर नीतेश त्रिपाठी ने टीआई की सीट पर सामान रख दिया था, जिसको लेकर विवाद शुरू हुआ। टीआई ने विवाद के दौरान धमकी दी कि मैं हनुमानगंज थाना प्रभारी हूं और मुरैना का रहने वाला हूं। ग्वालियर आने दो, फिर बताता हूं कि मैं क्या हूं।
इस बीच कुछ अन्य यात्रियों ने टीआई को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे भड़कते रहे। नीतेश त्रिपाठी ने इस विवाद के चलते रेल मदद एप पर भी शिकायत दर्ज कराई, जिसके कारण झांसी में जीआरपी के जवान पहुंचे थे। ट्रेन जब झांसी से निकली, तो टीआई ने किसी को फोन कर कहा कि पांच-छह लोगों को लेकर ग्वालियर स्टेशन पहुंचो।
आरोप है कि जब ट्रेन ग्वालियर पहुंची, तो टीआई ने युवकों को बुलाकर बैंककर्मी के साथ मारपीट भी कराई। इसके बाद जब ग्वालियर जीआरपी को मामले की सूचना दी गई, तो जीआरपी के जवानों ने ही बैंककर्मी को हवालात में बंद करने की धमकी देकर थाने में जबरन राजीनामा लिखवा लिया। इस मामले में टीआई अवधेश भदौरिया का कहना है कि मारपीट के आरोप निराधार हैं। इस मामले में जीआरपी थाने में राजीनामा भी हो गया है।
