साल में एक दिन ही क्या होता है यह शृंगार
महाकाल मंदिर के पुजारी पं महेश शर्मा ने को बताया कि मान्यता है कि इन 9 दिनों तक महाकाल के दर्शन करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। महाशिवरात्रि के बाद महाकाल का पंच मुखौटे में शृंगार किया जाता है। मान्यता है कि ऐसे लोग जो शिव नवरात्रि में दर्शन नहीं कर पाए और अगर बाबा महाकाल के पंच मुखौटे के दर्शन कर लेते हैं तो उन्हें शिव नवरात्रि के सभी दर्शनों का फल मिलता है। इसलिए इस दिन यह पंच मुखौटों के दर्शन करने श्रद्धालु देश-विदेश से आते हैं।
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जानिए कब होंगे पंचमुखौटा के दर्शन
फाल्गुन शुक्ल द्वितीया 18 फरवरी 2026 को भगवान महाकाल पांच विशेष रूपों में दर्शन देंगे। वे छबीना स्वरूप, मनमहेश स्वरूप, होल्कर स्वरूप, उमा-महेश स्वरूप और श्री शिवतांडव स्वरूप में इस मुखौटे के दर्शन करने भक्त दूर-दूर से उज्जैन महाकाल मंदिर पहुंचेंगे।
