इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों के मुद्दे पर विधानसभा परिसर में कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद भाजपा ने तीखा जवाब दिया। भाजपा विधायकों ने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस को किसी से इस्तीफा मांगने का नैतिक अधिकार नहीं है। भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जो पार्टी अपने इतिहास की जिम्मेदारियों से नहीं निपटी, वह आज नैतिकता की बात कर रही है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के कार्यकाल के दौरान हुए भोपाल गैस कांड का जिक्र करते हुए पूछा कि हजारों मौतों के बाद क्या इस्तीफा दिया गया था।

कांग्रेस पहले अपने भीतर की खींचतान खत्म करे

उन्होंने दिग्विजय सिंह के शासनकाल में किसानों पर हुई पुलिस कार्रवाई का भी उल्लेख किया और कहा कि तब कांग्रेस ने जवाबदेही तय की थी या नहीं। शर्मा ने कहा कि यह मानवीय त्रुटि का मामला हो सकता है, यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी से चूक हुई है तो उसे सुधारा जाएगा, लेकिन कांग्रेस पहले अपने भीतर की खींचतान खत्म करे। उन्होंने कांग्रेस के अंदरूनी मतभेदों का भी जिक्र किया और कहा कि जो नेता एक-दूसरे को अपना नेता नहीं मानते, वे आज नैतिकता की दुहाई दे रहे हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि कांग्रेस इस्तीफे की बात करती है तो उसे राष्ट्रीय स्तर पर भी अपने नेतृत्व से सवाल पूछने चाहिए।

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घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन सरकार इसे पूरी गंभीरता से ले रही

वहीं भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि इंदौर की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन सरकार इसे पूरी गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने कई बार स्थिति की समीक्षा की है और नगरीय निकायों नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायत को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आम नागरिक को स्वच्छ पेयजल मिले। नियमित जांच के आदेश दिए गए हैं और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होगा।

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मस्जिदों में खड़े होकर कसम खा लें कि गाय को नुकसान नहीं पहुंचागें

कांग्रेस विधायक आतिफ अकील द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग पर रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की यह मांग अगर गंभीर है तो उसे पहले अपने नेताओं से इस विषय पर स्पष्ट रुख दिलवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ विधानसभा में बयान देने से काम नहीं चलेगा। जिस दिन देश के सभी लोग, खासकर मुस्लिम समाज, मस्जिदों में खड़े होकर कसम खा लें कि कोई भी गाय को नुकसान नहीं पहुंचाएगा, उसी दिन गाय अपने आप राष्ट्रीय पशु घोषित हो जाएगी।उन्होंने आगे कहा कि गौमाता भारत की आस्था का केंद्र है और इसे लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए। यदि इस विषय पर सच्ची नीयत से पहल की जाए और समाज में सहमति बनाई जाए तो बड़ा निर्णय लेना मुश्किल नहीं है।

 



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