मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और बेरोजगारी को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले एक दशक में देशभर में 85 से अधिक पेपर लीक हुए, जिससे 2 करोड़ से ज्यादा अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ। पटवारी ने सवाल उठाते हुए कहा, हर भाजपा नेता पेपर लीक माफिया नहीं होता, लेकिन हर पेपर लीक के पीछे भाजपाई क्यों नजर आते हैं? प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश में भर्ती घोटालों और पेपर लीक के मामलों में कार्रवाई के बजाय आरोपियों को संरक्षण दिया गया। उन्होंने व्यापमं घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि जांच और गिरफ्तारियों के बावजूद बाद में अधिकांश आरोपी बरी हो गए।
62 लाख युवा बेरोजगार होने का दावा
पटवारी ने कहा कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 62 लाख से अधिक युवा बेरोजगार हैं। उनका आरोप है कि सरकार रोजगार के वास्तविक आंकड़े छिपा रही है, जबकि राज्य में 40 फीसदी से ज्यादा सरकारी पद खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि निवेश के नाम पर बड़े आयोजन किए गए, लेकिन युवाओं को रोजगार नहीं मिला।
14-15 जुलाई को होगा ‘जेन-ज़ेड साइक्लोथॉन
युवाओं के रोजगार, भर्ती पारदर्शिता और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर कांग्रेस 14 और 15 जुलाई को प्रदेशभर में जेन-जेड साइक्लोथॉन आयोजित करेगी। पटवारी ने कहा कि इस अभियान के जरिए युवाओं की आवाज सरकार तक पहुंचाई जाएगी।
यह भी पढ़ें-मानसून की चाल धीमी, तीन दिन से नहीं बढ़ा सिस्टम, प्रदेश के 43 जिलों में आज बारिश का अलर्ट
एनटीए और भर्ती प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) बनने के बाद कई परीक्षा विवाद सामने आए। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा संचालन से लेकर पेपर प्रिंटिंग तक की प्रक्रिया का निजीकरण होने से पारदर्शिता प्रभावित हुई। उन्होंने एनटीए और भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा।
