इंदौर के जूनी इंदौर थाना क्षेत्र से सोशल मीडिया के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। यहां एक युवती की तस्वीरों और मोबाइल नंबर का गलत इस्तेमाल करके एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाने की घटना सामने आई है। आरोपी ने न केवल फर्जी आईडी बनाई बल्कि युवती और उसकी बहन की तस्वीरों को सोशल मीडिया पर पोस्ट करके उन पर बेहद अश्लील और आपत्तिजनक टिप्पणियां भी कीं। इस मामले की शिकायत मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है पीड़िता
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 24 वर्षीय पीड़िता मूल रूप से देवास जिले की निवासी है और वर्तमान में इंदौर में रहकर मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग यानी एमपीपीएससी की तैयारी कर रही है। वह यहां एक किराए के मकान में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी कर रही है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि बीते चार मार्च को उसकी बहन ने उसे इस बात की जानकारी दी थी कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर उसके नाम से एक फर्जी अकाउंट सक्रिय है। इस अकाउंट की प्रोफाइल में पीड़िता का मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक रूप से टैग किया गया था।
पिछले 3 महीनों से चल रहा था मानसिक उत्पीड़न
शिकायत में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि इस फर्जी अकाउंट पर पीड़िता और उसकी बहन की निजी तस्वीरों को अपलोड किया गया था और उन तस्वीरों के साथ अमर्यादित व अश्लील टिप्पणियां लिखी गई थीं। इस बात का पता चलने के बाद पीड़िता ने अपने स्तर पर उस अकाउंट को संचालित करने वाले व्यक्ति की पहचान करने की कोशिश की थी, लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो सकी। पीड़िता का आरोप है कि अज्ञात आरोपी पिछले लगभग तीन महीने से इस फर्जी प्रोफाइल के माध्यम से लगातार आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट कर रहा था, जिससे समाज और परिचितों के बीच उसकी और उसके परिवार की छवि को गहरा धक्का लगा है।
अज्ञात आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस की टेक्निकल टीम
मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर पीड़िता ने शनिवार को जूनी इंदौर थाने में उपस्थित होकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता के बयानों के आधार पर उचित धाराओं में मामला पंजीकृत कर लिया है। जूनी इंदौर थाना पुलिस के मुताबिक आरोपी तक पहुंचने के लिए साइबर और टेक्निकल टीम की मदद ली जा रही है। टेक्निकल टीम उस फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट से जुड़े आईपी एड्रेस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को जुटाने में लग गई है ताकि जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार किया जा सके।
