नतीजतन, अब सेना ने विकल्प के तौर पर सागर और दतिया में खेल मैदानों की तलाश शुरू कर दी है। क्योंकि अक्टूबर के पहले सप्ताह में शारीरिक परीक्षा कराने को लेकर विचार चल रहा है।
जुलाई में आएगा लिखित परीक्षा का परिणाम
अग्निवीर भर्ती के तहत लिखित परीक्षा का परिणाम जुलाई में घोषित होना संभावित है। लिखित परीक्षा के तुरंत बाद शारीरिक परीक्षा का आयोजन किया जाना है, ताकि चयनित अभ्यर्थियों को समय पर सूचना देकर मैदान तैयार किया जा सके। पहले मैदान चिन्हित होगा, फिर यहां से अनुमति मिलने के बाद दिल्ली से अनुमति ली जाएगी।
इसी अग्रिम तैयारी को लेकर सेना ने समय रहते प्रशासन से संपर्क साधा था, लेकिन वहां से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। न अनुमति दी गई और न ही यहां शारीरिक परीक्षा न कराने को लेकर कोई पत्राचार किया गया। इससे सेना के अधिकारियों का मानना है कि जिला प्रशासन यहां शारीरिक परीक्षा कराने में रुचि नहीं ले रहा।
सागर में परीक्षा हुई तो युवाओं की बढ़ेगी परेशानी
इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों में सबसे बड़ी संख्या ग्वालियर, भिंड, मुरैना और शिवपुरी के युवाओं की है। अगर शारीरिक परीक्षा सागर में आयोजित होती है तो हजारों अभ्यर्थियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
– आर्थिक बोझ: युवाओं को रहने, खाने और यात्रा पर अतिरिक्त खर्च करना होगा।
– यात्रा की थकान: शारीरिक परीक्षा के लिए पूरी तरह फिट होना जरूरी है, लेकिन लंबी यात्रा की थकान का सीधा असर युवाओं के प्रदर्शन पर पड़ सकता है।
जल्द होगा सागर और दतिया का दौरा
ग्वालियर से हरी झंडी न मिलने के बाद सेना के उच्च अधिकारियों ने अब अन्य विकल्पों पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। जल्द ही सेना की एक विशेष टीम सागर और दतिया जिलों का दौरा करेगी। वहां के खेल मैदानों और बुनियादी सुविधाओं का जायजा लेने के बाद शारीरिक परीक्षा के नए केंद्र पर अंतिम मुहर लगा दी जाएगी।
लिखित परीक्षा के आंकड़े
– लिखित परीक्षा के लिए कुल आवेदन: 48,088
– जारी किए गए प्रवेश पत्र: 46,835
– लिखित परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी: 41,303
– अनुपस्थित अभ्यर्थी: 5,532
बड़ा सवाल
जब 35 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने लिखित परीक्षा दे दी, इससे आधे अभ्यर्थी शारीरिक परीक्षा में शामिल होंगे, फिर भी प्रशासन के हाथ-पांव फूल रहे हैं। वर्ष 2014 में हुए उपद्रव के बाद से यहां शारीरिक परीक्षा नहीं हुई।
अधिकारियों का क्या कहना है
ग्वालियर में शारीरिक परीक्षा कराने को लेकर स्थानीय प्रशासन से पत्राचार किया है, उनका कोई जवाब ही नहीं आया। इससे स्पष्ट है कि ग्वालियर में जिला प्रशासन रुचि नहीं ले रहा है। इसलिए अब सागर और दतिया में मैदान तलाश रहे हैं।
– कर्नल पंकज कुमार, निदेशक, सेना भर्ती कार्यालय
यह भी पढ़ें- भोपाल के धनंजय ने चीन में बढ़ाया देश का मान, अंतरराष्ट्रीय फिल्म प्रोजेक्ट ‘लुकिंग चाइना-2026’ में हुए सम्मानित
