मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 के कार्यक्रम में एक बड़ा बदलाव किया है। आयोग द्वारा एक दिन पहले जारी किए गए शेड्यूल को पूरी तरह संशोधित करते हुए नया टाइम टेबल जारी कर दिया गया है। इस नए कार्यक्रम के अनुसार, अब राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 8 अगस्त से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक आयोजित की जाएगी। पहले परीक्षा 17 अगस्त से 22 अगस्त तक तय हुई थी।
अब यह रहेगा नया शेड्यूल
8 अगस्त – सामान्य अध्ययन प्रथम प्रश्नपत्र
9 अगस्त – सामान्य अध्ययन द्वितीय प्रश्नपत्र
10 अगस्त – सामान्य अध्ययन तृतीय प्रश्नपत्र
11 अगस्त – सामान्य अध्ययन चतुर्थ प्रश्नपत्र
12 अगस्त – सामान्य हिंदी
13 अगस्त – हिंदी निबंध एवं प्रारूप लेखन
तारीखों में टकराव के कारण बदला फैसला
परीक्षा कार्यक्रम में इस अचानक बदलाव का मुख्य कारण संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की मुख्य परीक्षा के साथ तारीखों का टकराना है। शुक्रवार को आयोग ने जो मुख्य परीक्षा का शेड्यूल जारी किया था, उसके मुताबिक परीक्षा 17 अगस्त से 22 अगस्त तक तय हुई थी। हालांकि, इस पर अभ्यर्थियों ने तुरंत आपत्ति जताई कि परीक्षा के अंतिम दो पेपर यूपीएससी मुख्य परीक्षा से टकरा रहे हैं। यूपीएससी की मुख्य परीक्षा 21 अगस्त से शुरू हो रही है, जबकि एमपीपीएससी के दो पेपर 21 और 22 अगस्त को रखे गए थे। इस स्थिति में दोनों परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई थी।
आपत्तियों के बाद आयोग ने बुलाई बैठक
अभ्यर्थियों की जायज मांग और आपत्तियों को देखते हुए आयोग ने शनिवार को एक आपातकालीन बैठक बुलाई, जिसमें परीक्षा कार्यक्रम में संशोधन करने का निर्णय लिया गया। आयोग ने शेड्यूल को आगे बढ़ाने के बजाय उसे पहले आयोजित करने का फैसला किया, ताकि दोनों परीक्षाओं में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। एमपीपीएससी के ओएसडी रविंद्र पंचभाई ने इस संबंध में जानकारी दी कि आयोग ने पहले हाईकोर्ट में अंतरिम राहत के लिए एक आवेदन दायर किया था। कोर्ट ने परीक्षा परिणाम को बंद लिफाफे में प्रस्तुत करने की शर्त के साथ परीक्षा आयोजित कराने की अनुमति प्रदान की थी। माननीय अदालत के इसी आदेश के बाद संशोधित कार्यक्रम जारी किया गया है।
25 जून से शुरू होगी ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
संशोधित कार्यक्रम के लागू होने के बाद अब मुख्य परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 25 जून से प्रारंभ होगी और यह 15 जुलाई तक चलेगी। प्रारंभिक परीक्षा में सफलतापूर्वक उत्तीर्ण होने वाले सभी अभ्यर्थियों के लिए यह आवेदन करना अनिवार्य रहेगा। उम्मीदवार एमपी ऑनलाइन और आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपने फॉर्म जमा कर सकेंगे। जो अभ्यर्थी तय समय पर आवेदन नहीं कर पाएंगे, उन्हें विलंब शुल्क के साथ अतिरिक्त मौके दिए जाएंगे। इसके तहत 16 जुलाई से 22 जुलाई तक 3000 रुपए विलंब शुल्क के साथ फॉर्म भरा जा सकेगा, जबकि 23 जुलाई से 27 जुलाई तक 25 हजार रुपए विशेष विलंब शुल्क के साथ अंतिम अवसर मिलेगा।
आवेदन में सुधार का अवसर और एडमिट कार्ड की तिथि
आयोग ने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए आवेदन पत्र में त्रुटि सुधार का समय भी तय किया है। अभ्यर्थी 30 जून से 17 जुलाई तक अपने भरे हुए आवेदन में संशोधन कर सकेंगे, जिसके लिए प्रत्येक सुधार पर 50 रुपए का शुल्क देय होगा। मुख्य परीक्षा के एडमिट कार्ड 3 अगस्त 2026 से ऑनलाइन उपलब्ध करा दिए जाएंगे। आयोग ने यह साफ किया है कि प्रवेश पत्र किसी भी परिस्थिति में डाक से नहीं भेजे जाएंगे, उम्मीदवारों को इसे वेबसाइट से ही डाउनलोड करना होगा। इसके साथ ही परीक्षा शुल्क भी निर्धारित किया गया है, जिसमें मध्य प्रदेश के एससी, एसटी, ओबीसी (नॉन क्रीमी लेयर), ईडब्ल्यूएस और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 400 रुपए और सामान्य वर्ग व बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों के लिए 800 रुपए फीस तय की गई है।
कुल 158 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा
इस पूरी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से मध्य प्रदेश में कुल 158 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। एमपीपीएससी के ओएसडी रविंद्र पंचभाई के मुताबिक, इस राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में लगभग 4 हजार अभ्यर्थी शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने पुनः स्पष्ट किया कि शुक्रवार के शेड्यूल से छात्रों को यूपीएससी और एमपीपीएससी दोनों परीक्षाओं को एक साथ देने में दिक्कत आ रही थी, इसलिए छात्रों के व्यापक हित और उनकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर यह नया परीक्षा कार्यक्रम जारी किया गया है। आयोग के इस त्वरित फैसले से हजारों अभ्यर्थियों ने राहत की सांस ली है।
हाईकोर्ट के पुराने आदेश और रोक
उल्लेखनीय है कि यह राज्य सेवा मुख्य परीक्षा पहले 9 जून 2025 से आयोजित की जानी थी, परंतु हाईकोर्ट में दायर एक याचिका के चलते 2 अप्रैल 2025 को इस पर रोक लगा दी गई थी। करीब एक साल के लंबे इंतजार के बाद 18 जून 2026 को हाईकोर्ट ने इस परीक्षा पर लगी रोक को हटाया। इसके तुरंत बाद आयोग ने नया परीक्षा कार्यक्रम तो जारी किया, लेकिन यूपीएससी की तारीखों से टकराव के कारण महज एक दिन बाद ही इसे दोबारा संशोधित करना पड़ा।
