मध्य प्रदेश में जंगलों से निकलकर आबादी वाले इलाकों तक पहुंच रहे वन्यजीव अब ग्रामीणों के लिए बड़ी चिंता का कारण बनते जा रहे हैं। मुरैना और सीहोर जिले में सामने आई दो अलग-अलग घटनाओं ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। एक तरफ मुरैना में चीते ने गांव के अंदर घुसकर बकरी का शिकार कर लिया, तो दूसरी तरफ सीहोर में रात के अंधेरे में खेत में काम कर रहे किसानों के सामने एक खूंखार शिकारी जानवर आ गया। दोनों घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं और ग्रामीणों में डर का माहौल है।

मुरैना में चीते ने बकरी का किया शिकार

मुरैना जिले के पहाड़गढ़ क्षेत्र के जडेरू गांव में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक चीता गांव के पास पहुंच गया। जानकारी के अनुसार सुबह करीब 7 बजे गांव निवासी कलिया आदिवासी की बकरी खेत के पास चर रही थी। इसी दौरान अचानक चीता वहां पहुंचा और बकरी पर हमला कर दिया। हमला इतना तेज था कि बकरी की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जैसे ही ग्रामीणों ने चीते को देखा, उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया। लोगों की आवाज सुनकर चीता कुछ देर बाद जंगल की ओर लौट गया, लेकिन तब तक वह बकरी को अपना शिकार बना चुका था।

गांव में फैली दहशत, वीडियो हुआ वायरल

घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। चीते की मौजूदगी की खबर पूरे गांव में फैल गई, जिससे लोगों में भय का माहौल बन गया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में ग्रामीण चीते के गांव के पास आने की जानकारी देते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। कई बार जंगली जानवर आबादी के करीब देखे गए हैं, जिससे लोगों और पशुधन की सुरक्षा को खतरा बढ़ गया है।

सीहोर में रात के अंधेरे में खेत में दिखा खूंखार शिकारी

उधर, सीहोर जिले की बुधनी तहसील में गुरुवार रात एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई। ग्राम पंचायत बारधा में रात करीब 11 बजे किसान मिट्ठूलाल अपने खेत में ट्रैक्टर से बक्खर चला रहे थे। इसी दौरान ट्रैक्टर की हेडलाइट की रोशनी खेत के एक हिस्से पर पड़ी, जहां एक बड़ा हिंसक वन्यजीव खड़ा दिखाई दिया। पहले तो किसान समझ नहीं पाए कि सामने क्या है, लेकिन जब उसकी चमकती आंखें और विशाल शरीर नजर आया तो उनके होश उड़ गए।

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टाइगर या तेंदुआ? जांच में जुटा वन विभाग

ग्रामीणों का दावा है कि खेत में दिखाई दिया जानवर टाइगर था, जबकि कुछ लोग उसे तेंदुआ बता रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ पल के लिए पूरा माहौल थम सा गया। ट्रैक्टर की आवाज, खेत का सन्नाटा और सामने खड़ा खूंखार शिकारी… यह दृश्य किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। किसान और उनके साथ मौजूद लोग डर के कारण कुछ सेकंड तक हिल भी नहीं पाए। जानवर लगातार उनकी ओर देखता रहा और उसकी चमकती आंखों ने सभी को भयभीत कर दिया।

मोबाइल में कैद हुआ खौफनाक मंजर

दहशत के बावजूद ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाई और इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि हिंसक जानवर खेत के भीतर मौजूद है और कुछ दूरी से लोगों की गतिविधियों पर नजर रख रहा है। राहत की बात यह रही कि कुछ देर बाद वह बिना किसी पर हमला किए वापस जंगल की ओर लौट गया। इससे एक बड़ा हादसा टल गया।

आधा दर्जन गांवों में फैला डर

बारधा गांव की इस घटना के बाद आसपास के खैरी, बोरधी, झोलियापुर, जमोनिया, भड़कुल और आमड़ो समेत कई गांवों में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अब रात के समय खेतों में जाना खतरे से खाली नहीं लगता। फसलों की रखवाली करना भी चुनौती बन गया है।

वन विभाग अलर्ट, जांच शुरू

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई और जानवर के फुटप्रिंट की जांच शुरू कर दी। वन विभाग के रेंजर रजत द्विवेदी ने बताया कि पैरों के निशान और अन्य सबूतों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि खेत में दिखाई देने वाला जानवर टाइगर था या तेंदुआ। साथ ही विभाग ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि वे रात में अकेले खेतों की ओर न जाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।

कोलार और बुधनी क्षेत्र में बढ़ रहा वन्यजीवों का मूवमेंट

वन विभाग के अनुसार बुधनी और कोलार क्षेत्र के जंगलों में पिछले कुछ समय से टाइगर मूवमेंट बढ़ा है। इससे पहले भी कई बार टाइगर सड़क पर घूमते और जंगल से निकलकर आबादी वाले इलाकों के पास दिखाई दिए हैं। कुछ दिन पहले दिनदहाड़े एक टाइगर पेड़ के नीचे आराम करता हुआ भी नजर आया था। लगातार बढ़ रही ऐसी घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है।

ग्रामीणों की मांग- बढ़ाई जाए सुरक्षा

मुरैना और सीहोर दोनों जगहों पर ग्रामीणों ने वन विभाग से नियमित गश्त बढ़ाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। मुरैना में ग्रामीणों ने बकरी मालिक को मुआवजा देने की मांग उठाई है, जबकि सीहोर में लोगों का कहना है कि जंगल से निकलकर आबादी तक पहुंच रहे वन्यजीवों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। फिलहाल दोनों जिलों में वन विभाग की टीम निगरानी कर रही है, लेकिन लगातार सामने आ रही घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर जंगल के शिकारी गांवों की चौखट तक क्यों पहुंच रहे हैं और ग्रामीण कब तक खुद को सुरक्षित महसूस कर पाएंगे।



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