भोपाल के शाहजहांनाबाद थाना क्षेत्र में स्थित वाजपेयी नगर मल्टी में रहन वाला छह साल का अंश चौथे दिन भोपाल से करीब 600 किलोमीटर दूर मथुरा रेलवे स्टेशन पर मिला। पुलिस अंश को लेकर वापस भोपाल आ गई है। काउंसलिग और पुलिसकर्मियों से बातचीत में अंश ने जो खुलासे किए हैं, वह चैकाने वाले हैं। अंश ने पुलिसकर्मियों को बताया कि वह मां को देखने अस्पताल आया था। दरअसल, उसकी मां पीलिया की बीमारी का राॅयल मार्केट के पास इलाज करा रही थी। मां मल्टीकेयर अस्पताल में भर्ती थी।
16 जून को सुबह अंश परिजनों के साथ अस्पताल आया था, जहां उसके सौतेले पिता और इसके बाद मां ने उसे किसी बात को लेकर डांट दिया। डांटने के बाद वह अस्पताल के कमरे से निकलकर सड़क पर बाहर आ गया। उसे कोई बुलाने वाला या देखने वाला नहीं था। वह सौतेले पिता और मां की डांट के बाद खुद को अकेला महसूस करने लगा था। इसी कारण वह निकला और जो रास्ता उसे मिलता गया, उसी पर चलते हुए वह रात में भोपाल रेलवे स्टेशन तक पहुंचा था।
सभी लोग चढ़ रहे थे, इसलिए हम भी चढ़ गए
छह साल के अंश ने पुलिसकर्मियों को बताया कि रात में सभी लोग जो भी ट्रेन आती, उसी में दौड़-दौड़कर बैठ रहे थे। मैं बहुत देर तक लोगों को ट्रेन में चढ़कर जाते हुए देख रहा था। कुछ देर बाद एक ट्रेन रूकी और कई लोग उसमें सवार होने लगे तो पीछे-पीछे मैं भी ट्रेन में चढ़ गया। ज्ञात हो कि अंश पातालकोट में बैठकर मथुरा पहुंचा था। पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने बताया कि अंश के बयान के बाद उसके माता-पिता से पुलिस ने संपर्क किया तो उन्होंने भी पुष्टि की है कि हां किसी बात पर नाराज होकर उसे अस्पताल के अंदर ही डांट दिया था। इसके बाद वह अस्पताल से बाहर चला गया। ध्यान नहीं दिया और अचानक लापता हो गया था। पुलिस आयुक्त ने बताया कि बच्चे के अपहरण का कोई एंगल सामने नहीं आया है। वह नाराज होकर ही मथुरा तक पहुंचा था।
100 पुलिसकर्मियों की टीम लगाई थी
पुलिस आयुक्त ने बताया कि छह साल का मासूम दिन दहाड़े राजधानी से गायब हो गया। मामला संगीन होने के कारण 100 पुलिसकर्मियों को सीसीटीवी फुटेज खंगालने के लिए लगाया गया था। करीब 500 सीसीटीवी के फुटेज खंगालने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि वह उत्तर प्रदेश की तरफ जाने वाली ट्रेन पातालकोट में सवार होकर गया है। इसकेबाद आगे जीआरपी को सूचना दी गई और मथुरा में उसे ट्रेन के डिब्बे में अकेले किनारे गुमशुम स्थिति में बैठे हुए बरामद किया गया।
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संदिग्ध व्यक्ति के साथ दिखने से हुई थी आशंका
कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला ने बताया कि एक सीसीटीवी फुटेज में अंश एक संदिग्ध व्यक्ति के साथ दिखा था। जिसके साथ दिखा था, वह मंद बुद्धि का है। इसके बाद आशंका बढ़ गई थी। इसके बाद जांच टीमें गठित की गईं और सीसीटीवी खंगालने के लिए एक सैकड़ा पुलिसकर्मी लगाए गए थे। उसकी तलाश में थाना पुलिस की टीम झांसी तक पहुंची थी, तभी मथुरा में आरपीएफ और जीआरपी ने उसे बरामद कर लिया गया। अंश ने पुलिस को बताया कि उसे कहां जाना है, ऐसी कोई योजना नहीं थी। ट्रेन में बैठकर मथुरा जाने की कोई पूर्व योजना नहीं बनाई थी। वह बिना किसी निश्चित उद्देश्य के ट्रेन में सवार हो गया था।
