ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर उस समय स्थिति थोड़ा संदेहपूर्ण बन गई जब दिल्ली से ग्वालियर आए एक कंपनी इंजीनियर का करीब 10 लाख रुपये से भरा सूटकेस अचानक गायब हो गया। मामले की सूचना मिलते ही जीआरपी बीजी टीआई दीपशिखा तोमर सक्रिय हो गईं और कड़े प्रयासों से महज दो से तीन घंटे के भीतर सूटकेस को बरामद कर लिया गया।

पुलिस तत्परता और कार्यशैली की तारीफ की

सूटकेस मिलने के बाद पीड़ित ने राहत की सांस ली और पुलिस तत्परता और कार्यशैली की तारीफ की। जिंदल कंपनी में इंजीनियर पद पर उड़ीसा कार्यरत राजीव खन्ना दिल्ली से ग्वालियर के लिए गतिमान ट्रेन से सफर कर रहे थे। उनके पास एक सूटकेस था, जिसमें करीब 10 लाख रुपये नकद रखे हुए थे। ग्वालियर रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद जब वे ट्रेन से उतरे तो उन्हें पता चला कि उनका सूटकेस गायब है। सूटकेस में बड़ी रकम होने के कारण राजीव खन्ना घबरा गए और तत्काल जीआरपी बीजी थाना पहुंच कर निरी दीपशिखा तोमर मैडम को सूचना दी।

शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी। रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और ट्रेन में मौजूद स्टाफ तथा अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की गई। जांच में पता चला कि सूटकेस ट्रेन में ही रह गया था। संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर ट्रेन की लोकेशन ट्रेस की गई। जांच के दौरान ग्वालियर और दतिया के बीच ट्रेन में ही सूटकेस सुरक्षित मिल गया।

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पुलिस ने सूटकेस को अपने कब्जे में लेकर उसकी पुष्टि कराई और बाद में राजीव खन्ना को सौंप दिया।करीब 10 लाख रुपये से भरा सूटकेस सुरक्षित वापस मिलने के बाद राजीव खन्ना के चेहरे पर खुशी लौट आई। उन्होंने पुलिस और रेलवे अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता था।



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