महाकाल की नगरी उज्जैन से कोटा तक का सफर अब सस्ता और आसान हो गया है। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने उज्जैन-कोटा के बीच पहली मेमू पैसेंजर ट्रेन शुरू कर दी है। यह ट्रेन शामगढ़, चौमहला रूट से होकर चलेगी और रास्ते के सभी छोटे-बड़े स्टेशनों पर रुकेगी।

महंगी एक्सप्रेस ट्रेनों का सस्ता विकल्प बनी मेमू

अभी तक उज्जैन से कोटा के लिए जोधपुर सुपरफास्ट, रणथंभौर और भगत की कोठी जैसी एक्सप्रेस ट्रेनें ही विकल्प थीं। इनका जनरल किराया 105 से 120 रुपये तक था और ये चुनिंदा स्टेशनों पर ही रुकती थीं। नई मेमू ट्रेन का किराया सिर्फ 55 रुपये रखा गया है। भले ही सफर करीब 7 घंटे का होगा, लेकिन यह ट्रेन नागदा, भाटीसुड़ा, पिपलोदा बागला, उन्हेल, पलसोदा, मकड़ावन, असलावदा और नईखेड़ी सहित सभी स्टेशनों पर रुकेगी।

जानिए ट्रेन की पूरी टाइमिंग

• 61624 कोटा-उज्जैन मेमू: प्रतिदिन सुबह 5:40 बजे कोटा से रवाना होकर दोपहर 12:00 बजे उज्जैन पहुंचेगी।

• 61623 उज्जैन-कोटा मेमू: प्रतिदिन दोपहर 12:30 बजे उज्जैन से रवाना होकर शाम 7:05 बजे कोटा पहुंचेगी।

JEE-NEET छात्रों और यात्रियों को बड़ी राहत

रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि इस ट्रेन से JEE और NEET की कोचिंग के लिए कोटा जाने वाले हजारों विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। अभी तक उन्हें महंगी एक्सप्रेस ट्रेनों या बसों पर निर्भर रहना पड़ता था। इसके अलावा रोजाना अप-डाउन करने वाले नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और महाकाल मंदिर दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भी बड़ी सुविधा मिलेगी।

सांसद और विधायक ने दिखाई हरी झंडी

नागदा स्टेशन पर अनिल फिरोजिया और तेजबहादुर सिंह ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर उज्जैन के लिए रवाना किया। उज्जैन स्टेशन पर भी ट्रेन से उतरे पहले यात्रियों का स्वागत किया गया। इस दौरान अश्वनी कुमार समेत कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। रतलाम मंडल के इस फैसले से उज्जैन, नागदा और कोटा रूट पर कनेक्टिविटी बेहतर होगी तथा नियमित यात्रियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हो गई है।

पहले ही दिन यात्रियों में दिखा उत्साह

उज्जैन-कोटा मेमू ट्रेन शुरू होते ही यात्रियों के चेहरे खिल उठे। पहले ही दिन ट्रेन में अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली। यात्रियों ने इसे किफायती और सुविधाजनक पहल बताया।

’55 रुपये में अब आराम से क्लास अटेंड करेंगे’

छात्र रोहित ने कहा, ‘भैया मजा आ गया। पहले एक्सप्रेस का 120 रुपये किराया था और टाइमिंग भी मैच नहीं करती थी। अब 55 रुपये में आराम से क्लास अटेंड करके शाम को घर वापस आ सकते हैं। मम्मी-पापा को भी टेंशन नहीं होगी। हर स्टेशन पर रुकने से उन्हेल और पिपलोदा से आने वाले छात्रों को भी फायदा मिलेगा।’

‘हमारे लिए लाइफलाइन साबित होगी यह ट्रेन’

चेतन प्रजापति ने कहा, ‘उज्जैन में नौकरी है और रोज आना-जाना पड़ता है। एक्सप्रेस ट्रेनों में जनरल डिब्बे अक्सर भरे रहते थे। यह मेमू ट्रेन हमारे लिए लाइफलाइन बन गई है। समय भले थोड़ा ज्यादा लगे, लेकिन सीट मिल जाती है और खर्च भी कम होता है।’

‘महाकाल दर्शन के लिए अब सफर हुआ आसान’

दिल्ली निवासी यात्री राम शर्मा ने कहा, ‘हम परिवार के साथ महाकाल दर्शन के लिए आए थे। पहले नागदा में उतरकर ट्रेन बदलनी पड़ती थी, जिससे सामान के साथ परेशानी होती थी। अब कोटा से सीधे उज्जैन पहुंचना आसान हो गया है। 55 रुपये में इतना सुविधाजनक सफर मिलना बड़ी बात है।’

व्यापारियों को भी मिलेगा सीधा फायदा

कपड़ा व्यापारी सुरेश जैन ने कहा, ‘माल लाने और ले जाने में अब काफी सुविधा होगी। हर स्टेशन पर रुकने से छोटे कस्बों के व्यापारियों को भी कोटा मंडी से सीधी कनेक्टिविटी मिल जाएगी। किराया कम होने से अच्छी बचत होगी।’

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यात्रियों की मांग- नियमित चले यह ट्रेन

यात्रियों का कहना है कि हरी झंडी दिखाते वक्त ही लग गया था कि यह ट्रेन हिट होगी। डिब्बे साफ-सुथरे हैं और ट्रेन समय पर चली। यात्रियों ने मांग की है कि यह सेवा नियमित रूप से जारी रहे और भविष्य में बंद न की जाए।



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